अहंकार को त्याग कर देश और समाज हित में करें कार्यः मुनिश्री सुधासागर महाराज युवाओं और श्रद्धालुओं को निस्वार्थ सेवा, विनम्रता और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया
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नगर में विराजमान मुनि पुंगव 108सुधासागर महाराज ने सोमवार को मुनिसुव्रतनाथ जिनालय में अपने दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन आयोजित प्रातः कालीन प्रवचन में युवाओं और श्रद्धालुओं को निस्वार्थ सेवा, विनम्रता और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता मिलने पर व्यक्ति के भीतर ‘मैं का अहंकार आ जाता है, जबकि यह अहंकार आगे चलकर उसके पतन और असफलता का कारण बनता है। इसलिए प्रत्येक अच्छे कार्य का श्रेय स्वयं लेने के बजाय माता-पिता, गुरु और अपने बड़ों को देना चाहिए।
मुनिश्री ने कहा कि भारत महान संस्कृति और मूल्यों का देश है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह ऐसा कोई कार्य न करें जिससे देश की प्रतिष्ठा पर आंच आए। उन्होंने कहा कि देश के साथ बेईमानी, भ्रष्टाचार और लूट-खसोट करने वाले लोग कभी सुख और सम्मान प्राप्त नहीं कर सकते। हमेशा ऐसे कार्य करें, जिनसे परिवार, गुरु,समाज और राष्ट्र का गौरव बढ़े।

प्रवचन के दौरान मुनिश्री ने पुण्य और पाप के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को यह विचार करना चाहिए कि उसके कर्मों का प्रभाव कितने लोगों पर पड़ रहा है। यदि किसी के गलत कर्मों से समाज और पूज्य व्यक्तियों को पीड़ा पहुंचती है तो उसका विनाश निश्चित है। वहीं अच्छे कार्य तभी सार्थफ होते हैं, जब उनका श्रेय स्वयं लेने के बजाय अपने उपकारियों और मार्गदर्शकों को दिया जाए। प्रवचन के उपरांत जिनालय समिति द्वारा सम्मान समारोह आयोजित कर नगर के पत्रकारों का सम्मान किया गया।


इस अवसर पर पत्रकारों ने मुनि पुंगव सुधा सागर महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके प्रेरणादायी संदेशों को समाज तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।


मुनि पुंगव सुधा सागर महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य के कर्म ही उसकी वास्तविक पहचान बनाते हैं। अच्छे कार्य करने के बाद यदि व्यक्ति अहंकार में आ जाता है तो उसका पुण्य भी क्षीण होने लगता है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित, समाज सेवा और संस्कारों को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। मुनिश्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने माता-पिता, गुरु और देश के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए तथा ऐसे कार्य करने चाहिए, जिनसे समाज में सकारात्मक प्रेरणा मिले और आने वाली पीढ़ियां भी सदाचार, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ें।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
