वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी रत्नत्रय रूपी तीसरी बार राजकीय अतिथि से सम्मानित

धर्म

वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी रत्नत्रय रूपी तीसरी बार राजकीय अतिथि से सम्मानित

फुलेरा 

प्रथमाचार्य चारित्रचक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का मंगल विहार राजस्थान में चल रहा है श्री विनोद मोदी कोलकाता प्रवासी सीकर ने बताया कि विगत दिनों माननीय मुख्यमंत्री जी राजस्थान सरकार से दिगम्बर जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात कर 76 वर्षीय 57 वर्षों से संयम साधना कर रहे, 36 वर्षों से आचार्य पद पर वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को राजस्थान का राजकीय अतिथि बनाने हेतु निवेदन किया।संवेदनशील आदरणीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने इस बाबद आदेश जारी किये। शासन के पत्र क्रमांक 42 दिनांक 16 जून अनुसार राजस्थान प्रवास तक राजकीय अतिथि से सम्मानित किया है।

गुरुभक्त डा राजेश पंचोलिया के अनुसार इसके पूर्व भी राजस्थान सरकार ने वर्ष 2022 ओर वर्ष 2025 में राजकीय अतिथि बनाया था। एक संयोग है कि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के 37 वे आचार्य पदारोहण 24 जून के पूर्व राजकीय अतिथि सम्मान फुलेरा में मिलना प्रभु का चमत्कार है ।संतोष जी विनायका महेश बाकलीवाल, शशि दीवान, सुनील पहाड़िया ,किशोर सिंघई, आशीष जयपुरिया ,सुमति प्रकाश मोदी ,विमल पाटनी ,सुरेश पाटनी कोलकाता ,महेश काला इंफाल ,ज्ञान काला दिल्ली ,कैलाश काला, मनोज पाटोदी, सहित अनेको भक्तों का सराहनीय योगदान सहयोग रहा।आचार्य श्री के तप त्याग संयम साधना वैराग्य समाज कल्याण के लिए अमूल्य योगदान का प्रतीक है संपूर्ण राजस्थान की जैन समाज के लिए गर्व का विषय है।

राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *