स्वस्तिधाम के मुनिसुव्रतनाथ भगवान को एक टक निहारा आचार्य श्री आर्जव सागर महाराज ने
स्वस्तिधाम जहाजपुर
परम पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री 108 आर्जव सागर महाराज का बुधवार की संध्या बेला में मंगल आगमन हुआ जहां क्षेत्र के प्रवेश द्वार पर उनके भव्य अगवानी की गई उसके बाद वे संघ सहित मुनिसुव्रतनाथ भगवान के समक्ष पहुंचे और गदगद हो गए।
आचार्य श्री ने बाबा की प्रतिमा को एक टक निहारा बस वह प्रतिमा को एक टक देखते रहे वह विहंगम दृश्य इतना अलौकिक पावन था मानो लग रहा था आचार्य श्री का और बाबा का साक्षात्कार हो रहा हो।

इसके बाद गुरुदेव ने क्षेत्र का अवलोकन और क्षेत्र की व्यवस्था प्रबंधन की सराहना की।

संघस्थ ब्रह्मचारी ऋषिका दीदी ने बताया की बुधवार की प्रात बेला में आचार्य संघ की आहारचर्या पलासिया में हुई एवम संध्या बेला मे अलौकिक तीर्थ पर गुरुदेव का मंगल आगमन हुआ।

यह क्षेत्र गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी की अद्भुत परिकल्पना का साकार रूप है जो विश्व की एक अनुपम धरोहर है यदि इस क्षेत्र को नारी शक्ति के प्रतिरूप का अलौकिक उदाहरण भी कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। 

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
