नैतिक मूल्यों से कटती राजनीति बनी सामाजिक समस्याओं की वजह : प्रणम्यसागरजी महाराजसरकारों के शराब कारोबार को बढ़ावा देने पर जताई चिंता, 21 को नूतन स्टेडियम जुटेंगे योग प्रेमी
मंदसौर
समाज में बढ़ते अपराध, नशे की प्रवृत्ति व युवाओं के बदलते जीवनशैली को लेकर दिगंबर जैन मुनिश्री प्रणम्यसागरजी महाराज ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज की सबसे बड़ी चुनौती केवल अपराध पीछे छिपे कारण हैं। नशा, दूषित स खान-पान व भौतिक आकर्षण समाज को भीतर से कमजोर कर रहे हैं। यदि इन मूल कारणों पर नियंत्रण नहीं किया तो केवल कानून से समस्याओं का समाधान संभव नहीं होगा।
महाराज श्री 21 जून को शहर के नूतन स्टेडियम में आयोजित होने वाले हैं। योग दिवस कार्यक्रम पर आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्राचीन समय में राजाओं के साथ धर्मगुरु होते थे जो शासन को धर्मनीति के आधार पर दिशा देते थे। इसी कारण समाज में संतुलन व नैतिकता बनी रहती थी। 

वर्तमान समय में राजनीति और नैतिक मूल्यों के बीच बढ़ती दूरी अनेक सामाजिक समस्याओं का कारण बन रही है। उन्होंने सरकारों की उन नीतियों पर भी सवाल उठाए जिनमें राजस्व प्राप्ति के लिए शराब के ठेकों व मांस निर्यात को बढ़ावा दिया जाता है। उनका कहना था कि एक ओर नशा मुक्ति की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर नशे के कारोबार को अनुमति दी जाती है। यह विरोधाभास समाज को सही दिशा नहीं दे सकता। युवाओं में बढ़ते जिम कल्चर पर टिप्पणी करते हुए मुनिश्री ने कहा कि शरीर को कृत्रिम रूप से गढ़ने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। कई युवा बाहरी आकर्षण के लिए प्राकृतिक शरीर के साथ खिलवाड़ कर रहे रहे हैं जबकि वास्तविक शक्ति भीतर की ऊर्जा व मानसिक संतुलन से आती है।
मुनिश्री ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है बल्कि आत्मशुद्धि, मनशुद्धि और विचार शुद्धि का मार्ग भी है। ध्यान के माध्यम से व्यक्ति तनाव, अनिद्रा व मानसिक अशांति जैसी समस्याओं से मुक्ति पा सकता है।

अर्हम ध्यान योग की शुरुआत मंदसौर से
महाराज श्री ने बताया कि अर्हम ध्यान योग की शुरुआत वर्ष 2015 में आचार्य विद्यासागर महाराज के आशीर्वाद और अनुमति से हुई थी। इसकी पहली कड़ी मंदसौर में मात्र 20-25 लोगों के साथ शुरू हुई। इसके बाद यह अभियान दिल्ली, कोटा, बूंदी और बिजोलिया सहित देश के कई शहरों तक पहुंचा। वर्ष 2019 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिल्ली के लाल किले में हुए आयोजन के बाद इसे व्यापक पहचान मिली। वर्तमान में 14 देशों में इसके लगभग 1100 प्रशिक्षक कार्यरत हैं और 10 लाख से अधिक लोग इससे जुड़ चुके हैं। जैन दर्शन आधारित इस पद्धति में योग का मूल स्वरूप ध्यान और आत्मशुद्धि माना है।

नूतन स्टेडियम में लगेगा सामूहिक योग शिविर
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को शहर के नूतन स्टेडियम में सामूहिक अर्हम ध्यान योग शिविर आयोजित किया जाएगा। यह जिला प्रशासन और आयुष विभाग के सहयोग से होगा। शिविर का उद्देश्य लोगों को आत्मशुद्धि, मनशुद्धि और विचार शुद्धि से जोड़ते हुए स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। आयोजन में शहर सहित जिलेभर से बड़ी संख्या में नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में ध्यान, योग, स्वास्थ्य जागरूकता और सकारात्मक जीवन मूल्यों से जुड़े विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विशेषज्ञ मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
