जैन समाज उठा रहा सवालकागजों से बाहर नहीं आई फाइल; चातुर्मास सिर पर, समाज निराश संकल्प पत्र का वादा सिर्फ आश्वासन, जैन संतों के चातुर्मास के लिए न भूमि आवंटन न ही सुरक्षा
कोटा
राज्य सरकार ने अपने संकल्प पत्र में जैन संतों के चातुर्मास के लिए भूमि आवंटित करने और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का बड़ा वादा किया था। लेकिन सरकार बनने के बाद भी यह वादा फाइलों से बाहर नहीं निकल पाया है। स्थिति यह है कि अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पिछले साल 29 सितंबर 2025 को हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद जिला स्तरीय समिति तो गठित कर दी गई, लेकिन धरातल पर जमीन आवंटन का काम शून्य है। वर्तमान में जैन संतों का मंगल विहार लगातार जारी है और आगामी चातुर्मास बिल्कुल नजदीक हैं। इसके बावजूद अब तक न तो चातुर्मास स्थलों के लिए भूमि आवंटित हुई है और न ही संतों के विहार व मंगल प्रवेश के दौरान कोई विशेष सुरक्षा व्यवस्था नजर आ रही है।
जैन समाज की पीड़ा… असुरक्षित जगहों पर ठहरने को मजबूर हैं संत
सरकार ने घोषणा की थी कि जैन संतों के चातुर्मास के लिए विशेष भूमि आवंटित की जाएगी और उनके विहार के दौरान पर्याप्त प्रोटेक्शन (सुरक्षा) प्रदान की जाएगी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की अगुवाई वाली समिति को जैन संस्थाओं और ट्रस्टों से आवेदन लेकर प्रशासन को भेजने थे। साधु-साध्वियों साधु-साध्वियों के तय रूट, रुकने वाले भवनों की जांच-समीक्षा करनी थी और जरूरत के मुताबिक नए रूट व भूमि आवंटन के लिए मार्गदर्शन देना था।
प्रक्रिया समाज को पूरी करनी है
इधर, जिला जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी त्रिलोक चंद मीणा का कहना है कि भूमि आवंटन के लिए हमने जैन समाज के पदाधिकारियों से ही उपयुक्त जगह तलाशने का आग्रह किया है। जैसे ही समाज जगह चिह्नित करता है, तुरंत जमीन आवंटन कर दिया जाएगा। जहां तक संतों की सुरक्षा का सवाल है, जैन समाज को संतों के रूट की पूर्व सूचना प्रशासन को देनी चाहिए ताकि समय रहते माकूल सुरक्षा व्यवस्था की जा सके।
विधायक संदीप शर्मा बोले- सरकार संतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर
मैं व्यक्तिगत रूप से इस मामले की विस्तृत जानकारी ले रहा हूं। हमारी सरकार के संकल्प पत्र के वादे के मुताबिक जैन संतों के लिए जमीन आवंटन और सुरक्षा सुनिश्चित कराने के हर संभव प्रयास करेगी। – संदीप शर्मा, विधायक, कोटा दक्षिण

जमीन चिह्नित कर विभाग को बता चुके
हमने 15 फरवरी 2024 को ही जैन संतों के मंगल विहार और विश्राम के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में जमीन चिह्नित करके विभाग को पत्र सौंप दिया था। लंबा समय बीतने के बाद भी जमीन नहीं मिली। इस सुस्ती को लेकर जैन समाज का एक प्रतिनिधिमंडलजल्द ही जिला प्रशासन से मुलाकात करेगा। प्रकाश बज, अध्यक्ष, सकल दिगंबर जैन समाज


साधु-साध्वियों की सुरक्षा का सवाल
संकल्प पत्र के वादे के उलट संतों के ठहरने के लिए जमीन का आवंटन नहीं हुआ है।साधु-साध्वियों को सुरक्षा के लिहाज से सुरक्षित जगह तक नसीब नहीं हो रही है। मजबूरन उन्हें स्कूलों या अन्य असुरक्षित स्थानों पर ठहरना पड़ता है, जिससे हमेशा उनकी सुरक्षा की चिंता रहती है।-रेखा हिंगड़, सह-संयोजक, सकल जैन समाज
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
