.आध्यात्मिक संदेश • तारबंगला मंदिर में मुनि प्रणम्य सागरजी महाराज की प्रवचन श्रृंखला जारी, भक्तों को दिया आशीर्वाद ‘जब ज्ञान मोह से प्रभावित होता है, तब पर्यावरण भी दूषित हो जाता है’
| मंदसौर
तारबंगला मंदिर परिसर में चल रही प्रवचन श्रृंखला में मुनि प्रणम्य सागर महाराज ने कहा कि पर्यावरण केवल हवा, पानी व वातावरण तक सीमित नहीं है, बल्कि जिन वस्तुओं और आवरणों से मनुष्य घिरा रहता है, वे भी पर्यावरण का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि भोजन, वस्त्र, भूमि और उपयोग की अन्य वस्तुएं शुद्ध नहीं होंगी तो वे तन, मन और विचारों को भी प्रदूषित कर देंगी।
मुनिश्री ने कहा कि वास्तविक पर्यावरण का संबंध आत्मा व चेतना से भी है। मनुष्य की चेतना पर पड़े ज्ञानावरण और दर्शनावरण उसे दूषित करते हैं। जब ज्ञान मोह से प्रभावित होता है, तब पर्यावरण प्रदूषित होता है।

उन्होंने कहा कि बाहरी प्रदूषण पर चर्चा तो होती है, लेकिन आंतरिक प्रदूषण को दूर करने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं हो रहे हैं। प्रवचन से पूर्व आचार्य विद्यासागरजी महाराज के चित्र का अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन व चरण प्रक्षालन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। 

जिला प्रशासन व आयुष विभाग के तत्वावधान में 21 जून को सुबह 5.30 बजे नूतन स्टेडियम मैं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन होगा। कार्यक्रम अहँ योग प्रणेता मुनि प्रणम्य सागरजी के सानिध्य में होगा।

गुरुवर भक्ति श्रृंखला का संकल्प पूर्ण
इधर, अहँ ध्यान योग के प्रणेता मुनि 108 प्रणम्य सागर महाराज के चातुर्मास संकल्प को पूर्ण करने के उद्देश्य से आयोजित ‘गुरुवर भक्ति श्रृंखला’ का समापन हुआ। इस उपलक्ष्य पर दिल्ली के शालीमार बाग से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदसौर पहुंचे और गुरुवर के दर्शन कर अर्घ्य समर्पित किया। पिछले आठ माह से चल रही श्रृंखला के तहत भक्तों ने विभिन्न स्थानों पर पूजन के आठों द्रव्य अर्पित किए थे। समापन अवसर पर भक्ति गीत, नृत्य प्रस्तुतियां और धार्मिक सामग्री भेंट की गई। मुनिश्री ने श्रद्धालुओं को सत्य, संयम और सदाचार का संदेश देते हुए आध्यात्मिक जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
