कोटा-उज्जैन के बीच पहली मेमू रेल कल से, हाड़ौती के श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा
झालावाड़
कोटा-उज्जैन के बीच पहली मेमू रेल कल से, हाड़ौती के श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा पहली बार शुरू हो रही सीधी मेमू सेवा को लेकर हाड़ौती के लोग लंबे समय से मांग कर रहे थे.
झालावाड़:पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ एवं कोटा से मध्य प्रदेश के बीच बढ़ते यात्री के चलते यात्रियों को बड़ी सौगात दी. 15 जून से कोटा से उज्जैन के बीच सीधी मेमू रेल सेवा शुरू होगी. इससे हाड़ौती के श्रद्धालु, विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम यात्रियों को बिना ट्रेन चेंज किए सीधे उज्जैन तक आवागमन का सुलभ साधन मिलेगा.

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि कोटा मंडल ने गाड़ी संख्या 61624/61623 कोटा–चौमहला मेमू का विस्तार कर अब इसे उज्जैन तक बढ़ा दिया है. कोटा से ट्रेन संख्या 61624 प्रतिदिन सुबह 5:40 बजे रवाना होकर रामगंजमंडी, भवानीमंडी, शामगढ़, चौमहला, विक्रमगढ़ आलोट और नागदा होते दोपहर 12 बजे उज्जैन पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन संख्या 61623 दोपहर 12:30 बजे उज्जैन से रवाना होकर शाम 7:05 बजे कोटा पहुंचेगी. झालावाड़ के चौमहला स्टेशन पर 15 जून को झालावाड़-बारां सांसद दुष्यंत सिंह व पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन करेंगे. डग विधायक कालूराम भी मौजूद रहेंगे।
सौरभ जैन ने बताया कि मध्य प्रदेश के उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन जाने वाले यात्रियों की संख्या में वृद्धि की संभावना है. ऐसे में इस सेवा से राजस्थान और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को विशेष लाभ मिलेगा. कोटा मंडल के यात्रियों को धार्मिक, शैक्षणिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर उज्जैन तक सीधा रेल संपर्क उपलब्ध होगा.

साथ ही नागदा जंक्शन के माध्यम से बीना सहित मध्य प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. पहली बार शुरू हो रही सीधी मेमू सेवा को लेकर हाड़ौती के लोग लंबे समय से मांग कर रहे थे. धार्मिक नगरी उज्जैन के लिए सीधी मेमू सेवा शुरू होने से झालावाड़ शहर वासियों को भी सीधा लाभ होगा. वे यहां से रामगंजमंडी जाकर मेमू पकड़ सकेंगे.
