रामानंद सागर के रामायण ने रचा ऐसा इतिहास, तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने किया था सम्मानित

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रामानंद सागर के रामायण ने रचा ऐसा इतिहास, तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने किया था सम्मानित

1987 से 1988 तक चले प्रसारण के दौरान ‘रामायण’ देश ही नहीं दुनिया में सबसे अधिक देखा जाने वाला धारावाहिक बन गया था।

 

 

रामानंद सागर ने 80 के दशक में रामायण बनाई, जिसने इतिहास रच दिया। लॉकडाउन के दौरान दूरदर्शन पर इस ऐतिहासिक धारावाहिक का प्रसारण हुआ था और दोबारा इस शो ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। इस सीरियल में सीता का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस दीपिका चिखलिया ने सोशल मीडिया पर एक पुरानी फोटो शेयर किया है, जिसे देखकर पता चलता है कि उस जमाने में रामायण ने इस कदर सफलता पाई थी कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने उन्हें दिल्ली बुलाकर सम्मानित किया था। इसी समय किरदारों को अहसास हुआ कि उन्होंने इतिहास रच दिया है।Advertisement for Sudha Amrit mustard oil showing metal tin and assorted bottles (5 L, 2 L, 1 L, 500 ml, 200 ml) with 100% pure claim and contact number 9602091568.

 

 

 

दीपिका चिखलिया ने जो फोटो शेयर की है, उसमें रामायण की स्टार कास्ट उस समय के प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ पोज दे रही है। एक्ट्रेस ने कैप्शन में लिखा, ‘यह पहली बार है जब हमें सम्मानित किया गया…. हमें एहसास हुआ कि हम एक विरासत रामायण का हिस्सा थे। हमने इतिहास रच दिया… उस दिन को याद कर रही हूं, जब हमें पीएम से मिलने के लिए दिल्ली से फोन आया था।’Hindi advertisement poster with bold red headline and black subheading about a snack, set against a warm orange sunrise background with silhouettes of people walking; inset image shows bowls of assorted fried snacks in trays at the bottom right.

Smiling man with folded arms in a plaid shirt on the left; sunrise over mountains and a Hindi motivational quote on the right: 'जिनने धैर्य सीख लिया, उसने जीत का रास्ता पा लिया.'

 

रामायण’ का लेखन से लेकर निर्देशन रामानंद सागर ने किया था। इस धारावाहिक का देश मे पहली बार मूल प्रसारण 25 जनवरी, 1987 से लेकर 31 जुलाई, 1988 तक हुआ था। तुलसीदास के ‘रामचरित मानस’ पर आधारित इस धारावाहिक का जब पहली बार देश में प्रसारण होना शुरू हुआ तो इसके प्रसारण के समय मानो देश ठहर जाता था।Collage: woman with red petals on left, decorative diya on right, Hindi text about astrology and a phone number for advice.

 

 

1987 से 1988 तक चले प्रसारण के दौरान ‘रामायण’ देश ही नहीं दुनिया में सबसे अधिक देखा जाने वाला धारावाहिक बन गया था। जून 2003 तक लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में यह विश्व के सर्वाधिक देखे जाने वाले पौराणिक धारावाहिक के रूप में दर्ज रहा।

 

संकलित जानकारी के साथ यह रिपोर्ट 

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