रिद्धि-सिद्धि नगर जैन समाज चातुर्मास के लिए किया स्वास्तिभूषण माताजी को श्रीफल समर्पित शुद्ध भावनाओं से ही मिलता है सम्यक दर्शन स्वास्तिभूषण माताजी 

धर्म

रिद्धि-सिद्धि नगर जैन समाज चातुर्मास के लिए किया स्वास्तिभूषण माताजी को श्रीफल समर्पित शुद्ध भावनाओं से ही मिलता है सम्यक दर्शन स्वास्तिभूषण माताजी

कोटा

चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, रिद्धि-सिद्धि नगर, कुन्हाड़ी में आयोजित धर्मसभा में आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक साधना, सम्यक दर्शन और कर्म सिद्धांत का संदेश दिया। कहा कि जैन दर्शन का मूल उद्देश्य आत्मा को उसके वास्तविक स्वरूप का बोध कराना है। आत्मा की निर्मल और शुद्ध भावनाएं ही आध्यात्मिक उन्नति का आधार हैं। यदि किसी जीव के भाव पवित्र हों तो वह भी सम्यक दर्शन प्राप्त कर सकता है।

 

 

मंदिर समिति अध्यक्ष राजेंद्र गोधा और महामंत्री पंकज खटोड़ ने बताया कि रिद्धि-सिद्धि नगर दिगंबर जैनसमाज की ओर से आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी को चातुर्मास के लिए श्रीफल अर्पित किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

 

रामपुरा जैन मंदिर में 700 साल प्राचीन जिन प्रतिमाएं आज वेदी पर विराजमान की जाएगी

 

कोटा रामपुरा दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में मंगलवार को 700 वर्ष प्राचीन भगवान आदिनाथ, भगवान पार्श्वनाथ की प्राचीन जिन प्रतिमाओं को मूल वेदी में विराजमान किया जाएगा। कार्यक्रम आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी के सान्निध्य में होगा। मुख्य संयोजक पीयूष बज, मनोज जैन ने बताया कि प्राचीन प्रतिमाएं ग्राम मवासा से लाई गई हैं, जिन्हें विशेष धार्मिक अनुष्ठान के साथ वेदी में प्रतिष्ठित किया जाएगा। आर्यिका संघ का सुबह 5:30 बजे रिद्धि-सिद्धि जैन मंदिर से विहार रामपुरा पहुंचेगा। छोटी समाधि महिला बैंड ‘दिव्य घोष’ की अगुवाई में में मंगल प्रवेशयात्रा निकाली जाएगी। सुबह 7 बजे अभिषेक-शांतिधारा, पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट के बाद आर्थिका माताजी के आशीर्वचन होंगे। याग मंडल विधान पूजन, सुबह 9:30 बजे प्रतिमाओं का वेदी प्रतिष्ठापन होगा।

 

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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