भोपाल से 40 बसों में आए श्रद्धालु, गुना के भक्त भी चाहतें हैं मुनिश्री यहीं रुक जाएं इंदौर से 100, राजस्थान से 51 बसों में आ रहे श्रद्धालु, सभी की एक ही आस- गुरुदेव का चातुर्मास हमारे यहां ही हो
| गुनानिर्यापक श्रमण मुनिश्री 108 सुधासागर जी के संभावित चातुर्मास को लेकर गुना इन दिनों जैन समाज की आस्था का केंद्र बना हुआ है। इंदौर से 100 बसें और राजस्थान से 51 बसें श्रद्धालुओं को लेकर यहां पहुंच रही हैं। सभी की एक ही कामना है मुनिश्री आगामी चार माह का चातुर्मास उनके नगर में करें। इसके लिए श्रद्धालु श्रीफल भेंट कर अपनी विनती प्रस्तुत करेंगे।
यह सिलसिला उसी समय से शुरू हो गया, जब मुनिश्री अशोकनगर पहुंचे थे। तब भोपाल से 40 बसों व 200 से 250 छोटे-बड़े चार पहिया वाहनों में सैकड़ों लोग मुनिश्री को श्रीफल भेंट करने पहुंचे थे।

अधिक मास के कारण जुलाई के अंत में होगा चातुर्मास
इस साल अधिक मास के चलते चातुर्मास जुलाई के अंत में होगा। देव शयनी ग्यारस 25 जुलाई को है। मान्यता है कि इसी दिन या इसके आसपास के दिनों से ही चातुर्मास आरंभ हो जाता है। अगर अधिक मास न होता तो चातुर्मास जून के अंत या जुलाई के आरंभ में होता। ऐसे में मुनिश्री के चातुर्मास का सौभाग्य गुना को मिलने की संभावना बढ़ जाती। बहरहाल जैन मुनियों के किसी जगह पर रुकने या प्रवास करने को लेकर किसी तरह की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।
इंदौर में अब तक नहीं हुआ चातुर्मास, राजस्थान को भी इंतजार: बजरंगगढ़
जैन मंदिर कमेटी के एसके जैन व पंच कल्याणक आयोजन समिति से जुड़े राजू जैन ने बताया कि इंदौर में अब तक मुनिश्री का चातुर्मास नहीं हुआ है। यही वजह है कि 7 जून को वहां से 100 से ज्यादा बसों में श्रद्धालु आ रहे हैं। वे मुनिश्री को चातुर्मास का श्रीफल भेंट करेंगे।

वहीं राजस्थान के लोग भी लंबे समय से मुनिवर का इंतजार कर रहे हैं। मुनिश्री ने वहां के विभिन्न नगरों-कस्बों में 13 से 14 साल तक लगातार चातुर्मास किए। इसके बाद उनका प्रवास ज्यादातर मध्य प्रदेश में रहा है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
