मुनि पुंगव श्री सुधा सागर महाराज की प्रेरणा से छोटे से बालक पुलक सिंघई ललितपुर ने अपनी गोलक की राशि दान
आगरा
दान अनुदान का क्या महत्व होता है एवं धार्मिक स्थलों पर वह धर्म आयतनों की रक्षा के लिए अनुदान देना कितना महत्वाकारी है यह निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर महाराज की प्रेरणा से समझा जा सकता है।
उन्हीं की प्रेरणा लेकर एक बालक पुलक सिंघई जो ललितपुर निवासी है जो लकी बुक डिपो परिवार से आता है उसने अपने द्वारा संग्रहित की गई राशि को गोलक में जमा किया और रविवार की बेला में आकर पूज्य गुरुदेव के समक्ष आकर अपने गोलक में संग्रहित राशि का अनुदान धर्म आयतनों के लिए प्रदान किया। निश्चित रूप से ऐसे बालक से हम सभी को प्रेरणा लेना चाहिए।


धन्य है ऐसे माता-पिता जिन्होंने छोटी सी उम्र में धर्म के संस्कार दिए और माता-पिता द्वारा दी गई धन राशि का सदुपयोग करने का उसे सीख दी और धर्म की शिक्षा दी। यह पूज्य गुरुदेव का प्रताप ही कहा जाएगा नहीं तो ऐसी उम्र में बच्चे गोली बिस्कुट आदि खाने में अपनी धनराशि का उपयोग कर देते हैं।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट
