मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर में प्राकृत विद्या शिक्षण शिविर का भव्य समापन समारोह सम्पन्न
“उदयपुर में गूंजी प्राकृत वाणी : 20 मंदिरों के शिक्षण शिविर का भव्य समापन”
उदयपुर।
प्राकृत भाषा विकास फाउंडेशन एवं मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में उदयपुर के 20 मंदिरों में आयोजित प्राकृत विद्या शिक्षण शिविर का भव्य सामूहिक समापन एवं सम्मान समारोह विश्वविद्यालय के बप्पा रावल सभागार में परम पूज्य प्राकृताचार्य आचार्यश्री सुनीलसागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद से सम्पन्न हुआ।
समारोह का शुभारंभ विश्वविद्यालय के डीन प्रो. नीरज शर्मा, सकल दिगंबर जैन समाज के पदाधिकारियों एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। विभिन्न जैन पाठशालाओं के विद्यार्थियों ने प्राकृत भाषा आधारित मंगलाचरण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं नाट्य मंचन कर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।

मुख्य अतिथि प्रो. नीरज शर्मा ने अपने उद्बोधन में प्राकृत भाषा को भारतीय भाषाओं की आधारशिला बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय स्तर पर ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


शिविर के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. आशीष जैन आचार्य ने बताया कि शिविर के माध्यम से प्राकृत भाषा, जैन संस्कार, नीति ग्रंथों एवं भारतीय संस्कृति का शिक्षण प्रदान किया गया, जिसमें उदयपुर के लगभग 1100 शिविरार्थियों ने सहभागिता की।


शिविर संयोजक रितेश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि समारोह का शुभारंभ सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष शांतिलाल वेलावत, महामंत्री सुरेश पद्मावत, विश्वविद्यालय के डीन प्रोफेसर नीरज शर्मा, डॉ. जिनेंद्र जैन, डॉ. ज्योति बाबू शास्त्री, डॉ. सुमत जैन, डॅा. शैलेष जैन, धरणेन्द्र जैन शास्त्री, कमलकुमार जैन एवं बी.एल. गोदावत सहित आमंत्रित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट शिविरार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा स्थानीय संयोजकों एवं शिक्षकों का अभिनंदन किया गया। आगामी वर्ष देशभर के 108 स्थानों पर प्राकृत विद्या शिक्षण शिविर आयोजित किए जाने की घोषणा भी की गई।
नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद आशिष शास्त्री सागर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
