Woman in white traditional robes sits cross‑legged on a low bench, hands folded, with a peacock feather display on a white surface in front and 'Om Shanti' written on the wall behind.

दुखद सूचना आर्यिकाश्री श्रुतमति माताजी की दुर्घटना हुईं समाधि।

धर्म

दुखद सूचना आर्यिकाश्री श्रुतमति माताजी की दुर्घटना हुईं समाधि।
*रीवा
पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित आर्यिका 105श्री श्रुतमति माताजी की आज सुबह रीवा के पास एक दुर्घटना में समाधि हो गई उनके साथ उपशममति माताजी भी थी जिनकी हालत गंभीर है।

 

बताया जाता है सुबह सड़क मार्ग पर जा रही थी उसी समय किसी बड़े वाहन ने उन्हें कुचल दिया दो अन्य माताजी भी चपेट में आने से बच गई। वर्तमान में भी आर्यिका सौम्यमती माताजी के संघ में विराजमान थी Hindi poster showing a seated guru with books and many bowls of snacks; bold red headline above promises tips or info (advertisement).Golden advertisement for an 8×10 inch Premium LED Light Frame featuring Buddha and listed features like UV Print, waterproof, and contact info on the postery background.

एक परिचय
आर्यिका105 श्रुतमति माताजी की आर्यिका दीक्षा 13 फरवरी 2006 को सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में आचार्य भगवन श्री विद्यासागर महाराज के कर कमलों से हुई थी।

 

29 मई 1998 को भाग्योदय तीर्थ सागर में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज से उन्होंने आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत लिया था उच्च शिक्षित माताजी ने एमएससी मानव शास्त्र और एम.ए. संस्कृत से किया माताजी के ग्रहस्थ अवस्था के बड़े भाई आचार्य संघ में मुनि श्री अचलसागर महाराज है और वर्तमान में तारादेही जिला दमोह में विराजमान है।

वे सागर नगर के रामपुरा वार्ड की निवासी थी। घटना रीवा नगर की बताई जा रही है। घटना की पुष्टि माताजी के ग्रहस्थ अवस्था के भाई आलोक जैन श्री जी ने भी की है।

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