शांतिनाथ भगवान के जन्म तप मोक्षकल्याण महोत्सव पर सोलह स्वप्न के मंचन के साथ भगवान को पालना झुलाया गया
रामगंजमंडी
मूलनायक शांतिनाथ भगवान का जन्म तप मोक्षकल्याण महोत्सव शुक्रवार की बेला में हर्षउल्लास से मनाया गया इसी क्रम में श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन पाठशाला के द्वारा संध्या बेला में भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई जो सभी का मन मोह गई।
इसी क्रम में कार्यक्रम के शुभारभ में श्रीमति निर्मला सुरलाया ने मंगलाचरण की प्रस्तुति दी गई इसके उपरांत छोटे छोटे बच्चों ने दिव्य स्वरूप विराजे जयशांतिनाथ भगवान की प्रस्तुति सभी का मन मोह गई इसके बाद इंद्र दरबार लगाया जिसमें सभी को प्रभु जन्म होने वाला है इसकी सूचना दी गई। सभी ने महाराजा विश्वसेन के दरबार चलकर इसकी खुशियां मनाई गई।

भावुक क्षण जब देखने को मिले जब शची इंद्राणी तीर्थंकर बालक को लेकर खुशी मनाने लगी नृत्य करने लगी वह दृश्य भाव विहंगम हो गया सभी भाव विभोर हो उठे इसके बाद दिव्य अलौकिक प्रस्तुति के साथ सोलह स्वप्नों का मंचन किया जिसे नाटकीय रूपांतरण के साथ प्रत्येक सपना का अर्थ समझाया गया। इसके साथ ही सोधर्म इंद्र ने जब तांडव नृत्य किया तो वह अपने आप में एक अलौकिक लग रहा था इस आयोजन में महाराज विश्व सेन एवं माता एरा देवी श्रीमान नीरज जैन एवं निधि जैन रहे। सोधर्म इंद्र शचि इंद्राणी बनने का सौभाग्य प्रदीप कुमार रेखा जैन शाह को प्राप्त हुआ।





समस्त वातावरण भक्ति उल्लास से परिपूर्ण था इसके उपरांत जन्म कल्याण नाथ महोत्सव की खुशियां बनाई गई एवं भगवान को पालना झुलाया गया सभी ने भक्ति उल्लास से परिपूर्ण होकर इस महामहोत्सव को मनाया गया।
इस सांस्कृतिक संध्या का संचालन प्रशांत जैन आचार्य ने किया प्रेरणादायक प्रस्तुतियों को सभी ने सराहा।
इससे पूर्व प्रातः बेला में परम पूज्य मुनि श्री 108 निष्पक्ष सागर महाराज एवं परम पूज्य मुनि श्री 108 निस्पृह सागर महाराज सानिध्य में अभिषेक शांति धारा संपन्न हुई एवं भगवान को निर्वाण लाडू समर्पित किया गया
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
