समय को सबसे अधिक बर्बाद करती है..हमारी एक बुरी आदत — टाल-मटोल करने की..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
परतापुर बांसवाड़ा राजस्थान
अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय पियूष सागरजी महाराज ससंघ परतापुर बांसवाड़ा राजस्थान में विराजमान हैं। उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि। समय चलता नहीं, दौड़ता है; जब हम उसकी कद्र नहीं करते, तब वह उड़ने लगता है। क्योंकि अपने समय के पायलट हम स्वयं हैं। जीवन की सबसे कीमती चीजें — समय, श्वास और पानी — जिनकी हम कद्र नहीं करते।
समय अनमोल है। इसे खरीदा नहीं जा सकता, लेकिन सही समय पर इसका सदुपयोग अवश्य किया जा सकता है। जो समय एक बार हाथ से निकल गया, वह करोड़ों रुपये देकर भी वापस नहीं लाया जा सकता। हम 24 घंटे में कितना समय सदुपयोग में लगाते हैं और कितना दुरुपयोग में — यह विचार करने योग्य है। बात केवल समय की नहीं है, बल्कि उसके उपयोग करने की है।

किस दिशा में हम समय का उपयोग कर रहे हैं —
जीवन के सृजन में कर रहे हैं या विनाश में-?
स्वयं के निर्वाह में लगा रहे हैं या जीवन के निर्माण में-?
स्वयं को बनाने में लगा रहे हैं या स्वयं को मिटाने में-?
समय बर्बाद तो जीवन बर्बाद। जीवन उनके लिए बहुत छोटा है, जो कुछ सार्थक करना चाहते हैं। और उनके लिए बोझ है, जो समय का मूल्य नहीं समझते और टाल-मटोल में उसे व्यर्थ गंवा देते हैं। समय का मूल्य हमें तब समझ आता है, जब समय पर समय नहीं रहता और कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। सफलता और असफलता के बीच की सबसे बड़ी विभाजन रेखा — टाल-मटोल की आदत है।
ध्यान रखना बाबू! जाता हुआ समय दिखाई नहीं देता, लेकिन बहुत कुछ दिखा जाता है। समय अध्यापक नहीं है, फिर भी जीवन के सबसे बड़े पाठ सिखा जाता है। समय कहता है — जो करना है, आज और अभी कर लो; अन्यथः मैं किसी भी कीमत पर दोबारा नहीं मिलूँगा। इसलिए किसी विशेष पल के लिए कल का इंतजार मत करो, बल्कि हर पल को विशेष समझकर उसका सदुपयोग करो। क्योंकि —हर अच्छे पल का उपयोग एक अच्छे दिन का निर्माण करता है।अच्छे दिनों से एक अच्छा महीना बनता है।
अच्छे महीनों से एक श्रेष्ठ वर्ष बनता है। और कई श्रेष्ठ वर्ष मिलकर एक सुंदर जीवन का निर्माण करते हैं।



इसलिए हर पल का सदुपयोग करें और जीवन का आनंद उठाएँ। हाँ, किसी व्यर्थ वाद-विवाद से बचने का सबसे अच्छा तरीका कभी-कभी टाल देना हो सकता है, लेकिन अच्छे कार्यों को कभी मत टालिए। क्योंकि —जीवन की यात्रा बहुत लंबी है..लेकिन जीने के लिए समय, श्वास और पानी बहुत कम हैं…!!! नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
