मुंगावली में संस्कारों का शंखनाद, सैकड़ों बच्चों के मस्तक पर मुनि श्री ने लिखे केसर से बीज मंत्र
मुंगावली
धर्मनगरी मुंगावली के इतिहास में रविवार को एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। चातुर्मास के बाद पहली बार परम पूज्य आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव सुधासागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में मौजी बंधन संस्कार समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
इस दौरान न केवल सैकड़ों बच्चों को संस्कारों से दीक्षित किया गया, बल्कि संघ में शामिल बाल ब्रह्मचारियों का भी पहली बार सार्वजनिक संस्कार हुआ। समारोह का शुभारंभ दोपहर में आचार्य श्री की संगीतबद्ध पूजन से हुआ। इसके बाद विधि-विधान के साथ पूर्व, उत्तर, पश्चिम और दक्षिण दिशाओं में विराजमान केवली भगवान, पंच परमेष्ठी और सिद्ध क्षेत्रों को साक्षी मानकर वंदना की गई। शुद्धि क्रिया के तहत सभी बटुकों का अमृत स्नान कराया गया, जिसके बाद नव तिलक की क्रिया संपन्न हुई। मुनि श्री के साथ संघ में विराजमान 18 संतों ने एक साथ मंत्रोच्चार कर बच्चों के सिर पर रक्षा मंत्रों की स्थापना की।

मुनि श्री की सीखः सम्मान निधि को बेचना अपमान है
सुबह धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि श्री ने व्यावहारिक जीवन का सूत्र दिया। उन्होंने कहा, कहीं से भी भेंट मिले तो उसे स्वीकार करने में संकोच न करें, क्योंकि वह आपका सम्मान है। जिस तरह ससुराल में मिली भेंट को आप सहेज कर रखते हैं, वैसे ही पुरस्कार में मिली वस्तु को कभी बेचना नहीं चाहिए। उसे वसीयत मानकर सुरक्षित रखें और उसका सदुपयोग करें।





मस्तक पर उकेरे बीज मंत्र, दिया रत्नत्रय का संकल्प
मुख्य आयोजन के दौरान मुनि श्री ने प्रत्येक बच्चे के मस्तक पर स्वयं अपने कर-कमलों से केसर के माध्यम से बीज मंत्र स्थापित किए। बच्चों को सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र (रत्नत्रय)
के संस्कार दिए गए। उन्हें अष्ट मद (अहंकार) से दूर रहने और अष्ट मूल गुणों को जीवन में उतारने का संकल्प दिलाया गया। वात्सल्य और प्रभावना के साथ बच्चों को मयूर पिच्छिका से आशीर्वाद दिया गया।
ब्रह्मचारी भाइयों का भी हुआ संस्कार
यह संभवतः पहला मौका है जब संघ में शामिल उन बाल ब्रह्मचारी भाइयों को भी मंच पर संस्कारित किया गया, जो घर छोड़कर मुनि श्री की शरण में आए हैं। हजारों भक्तों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मुनि श्री ने मंत्रोच्चार के साथ इन ब्रह्मचारियों को संस्कारित किया।
इन परिवारों को मिला सौभाग्यः मुख्य यजमान के रूप में राहुल अरविंद कुमार बजाज, सुरेश कुमार ललितपुर (अलका जैन जबलपुर), प्रभादेवी गदियाना परिवार और मुंगावली के कोषाध्यक्ष राहुल जैन परिवार को मुनि श्री के हाथों प्रथम संस्कार कराने का पुण्य प्राप्त हुआ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
