मुनिवर आज मेरे कुटिया में आए, मुनिश्री विमल सागर महाराज संघ का भव्य मंगल प्रवेश,

धर्म

मुनिवर आज मेरे कुटिया में आए, मुनिश्री विमल सागर महाराज संघ का भव्य मंगल प्रवेश,
घाटोल

वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य विद्यासागर महाराज के परम शिष्य मुनि विमल सागर,अनंत सागर, भाव सागर महाराज के पंच कल्याण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर मंगल प्रवेश पर संपूर्ण समाज ने भव्य अगवानी करते हुए उनकी भव्य आगवानी की गई।

 

 

 

प्रातः काल घाटोल के वासुपूज्य मंदिर से मुनि धर्म सागर महाराज के सानिध्य में बैंड बाजे एवं ढोल व घोड़े के साथ जुलूस के रूप में शोभा यात्रा निकाली जहां सामने बांसवाड़ा की तरफ से आते हुए मुनि विमल सागर अनंत सागर भाव सागर महाराज कि आगवानी करने आचार्य विद्यासागर विद्यालय पहुंचे जहां पर मुनि संघ का नगर प्रवेश होने पर संपूर्ण समाज ने वंदना और नमोस्तु करते हुए पाद पक्षालन किया गया और महिला मंडल ने मंगल कलश से मुनि संघ की मंगल गीत गाते मुनि संघ की प्रदक्षिणा करते हुए अगवानी की तत्पश्चाप जुलूस आचार्य विद्यासागर विद्यालय से पुन नगर की ओर प्रस्थान हुआ जहां सर्वप्रथम घोड़े पर सवार नन्हे मुन्ने बालक ढोल नगाड़े बजाते हुए जैन धर्म के ध्वजा लिए जयकारे लगाते हुए चल रहे थे वही उनके बाद बैंड बाजे एवं ढोल कि थाप पर महिला मंडल के अलग-अलग समूह ने अपने अलग-अलग समूह के विशेष परिधान के साथ भक्ति भक्ति नृत्य करते हुए चल रही थी वह उनके पीछे पुरुष एवं युवा वर्ग सफेद धोती कुर्ता और सर पर पगड़ी धारण कर मुनिवर आज मेरी कुटिया में आए हैं जैसे अन्य भक्ति गीतों पर डांडिया एवं गरबा रास करते हुए चल रहे थे वही जुलूस नगर के प्रमुख मार्ग से होते हुए घाटोल के मूल नायक मंदिर वासुपूज्य मंदिर पहुंचा जहां बीच राह में संपूर्ण समाज के लोगों ने मुनि संघ का जगह-जगह पाद पक्षालन किया गया और मंदिर में धर्म सभा का आयोजन हुआ।

जहां मंगलाचरण और दीप प्रज्ज्वलित के उपरांत मुनि विमल सागर महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब से अपने वासुपूज्य भगवान को नवीन रजत वेदी पर विराजमान करने का संकल्प लिया है आपका पुण्य बढ़ता गया

 

 

 

 

 

, पंचकल्याणक में उत्साह के साथ शामिल होना है, प्रत्येक घर को जुड़ना है जब तक आराधना, पूजा, पाठ करने वालों को भी बैठना है, जो अपने उत्तम धन रूपी बीज को पुण्य कार्यों में लगा देता है उसके स्वयं के पंचकल्याणक हो जाते हैं, प्रभु छप्पर फाड़ कर देते हैं, इस पंचकल्याणक में एकता के साथ कार्य करना है उदारता के साथ कार्य करना है

 

 

 

पंचकल्याणक महोत्सव मैं विदेश एवं भारत के विभिन्न नगरों से लोग होंगे शामिल, विशाल पंडाल तैयार किया जा रहा है, जन्म कल्याणक के दिन गरीबों को फल, भोजन, औषधि, जरूरी सामग्री दान की जाएगा,गौशालाओं को दान भी दिया जाएगा।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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