ढूंढना है तो परवाह करने वालों को ढूंढो इस्तेमाल करने बहुत मिलेंगे :-मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज
मुंगावली
-ढूंढना है तो परवाह करने वालों को ढूंढो इस्तेमाल करने वाले तो तुम्हें खुद ही ढूंढ लेते हैं। हम हमेशा अच्छे लोगों की खोज में लगे रहते हैं और उम्मीद करते हैं कि कोई अच्छा आदमी मिल जाए तो मेरा सहयोग कर देगा। अपना कौन है सगा जो विपत्ति में काम आ जाए। जो जरूर काम आ जाए ।संसार में अपनापन तो दिखाने वाले तो बहुत मिल जायेंगे लेकिन व्यक्ति की पहचान तो विपत्ति के समय में ही होती है। जो हमें विपत्ति में सहायता करें हमारा सहयोगी बन जाये ऐसे लोग को भी आपको ही खोजना है।
इस जगत में आपका उपयोग कर इस्तेमाल करने वाले बहुत मिल जायेंगे हमसे काम लेने वालो की कमी नहीं है। उक्त आश्य के उदगार सुधा सागर सभागार में विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रसंत मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए।




मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि पहली बार मुंगावली नगर में मोजी बंधन समारोह का आयोजन रविवार को दोपहर एक बजे से परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज के सान्निध्य में होने जा रहे मौजी बंधन समारोह में आठ वर्ष से लेकर चौबीस वर्ष तक के अविवाहित युवक भाग ले सकते है। इस समारोह में देश भर से भी अनेक भक्त अपने परिवार को लेकर आ रहे हैं। जो इस समारोह में परम पूज्य गुरुदेव के कर कमलों से बच्चों पर संस्कार करेंगे। वहीं ससंघ साधु जन सभी बच्चों को विभिन्न मंत्रो से मंत्रोच्चार करने का सौभाग्य प्राप्त करेंगे ।
इस दौरान मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री मुंगावली विधायक राव बृजेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि हम सब के सौभाग्य से परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ का मुंगावली को सान्निध्य मिला है हम सब लोग कमेटी के साथ कई स्थानों पर निवेदन करने गये। मेरे क्षेत्र में पिछले बारह वर्षो से पाषाण के मन्दिर का निर्माण चल रहा है आप का बारबार सान्निध्य मिलता रहें और मैं अपने क्षेत्र की दो लाख से अधिक जनता की सेवा करता रहूं इस हेतु मार्गदर्शन करें। इस दौरान मुनिश्री ने कहा कि जनता के दुःख में ढढासा वना रहे हर व्यक्ति दुःख में सहायक सहयोग चाहते हैं आप इतना करते रहो लोगों को बहुत कुछ नहीं चाहिए आपके संबल से सब कुछ हो जाता है
उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वयं के संबंध में सोचता है स्वयं के लिए जीता है स्वयं का होकर मर जाता है। वह व्यक्ति अपनी जिंदगी में कुछ भी हासिल नहीं कर पता है ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
