मनुष्य जीवन तभी सार्थक होगा जब आप गुणों से युक्त होगे आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज
पारसोला
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज पारसोला में 56 वा वर्षायोग कर रहे हैं सन्मति भवन धर्मसभा में आचार्य श्री ने बताया कि मनुष्य जीवन सभी ने प्राप्त किया है मनुष्य जीवन गुणो से शोभित होता है मनुष्य जीवन प्राप्त करना महत्वपूर्ण तभी होगा जब आप गुणो से युक्त होंगे तभी ज्येष्ठ श्रेष्ट होंगे ।भगवान को सभी साष्टांग नमस्कार करते हैं जिनालय में हर प्रतिमा को नमन झुक कर करना चाहिए। भगवान गुणी , ज्येष्ठ और श्रेष्ठ है इसलिए वह हमारे विनय के पात्र हैं। राजेश पंचोलिया अनुसार आचार्य श्री ने प्रवचन में आगे बताया कि भगवान ने संसार परिभ्रमण के कारणों को त्याग कर वास्तविक स्वरूप को ज्ञान से प्राप्त किया है ज्ञानी व्यक्ति विवेकवान होता है क्योंकि ज्ञान से विवेक उत्पन्न होता है। ज्ञान स्वाध्याय से प्राप्त होता है।स्वाध्याय के लिए स्वस्थ शरीर और बुद्धि जरूरी है कल आपने दीक्षा देखी उन्होंने स्वऔर पर के ज्ञान से आत्मा के कल्याण के लिए दीक्षा ली है, क्योंकि वैराग्य की कोई उम्र नहीं होती है। उन्होंने संलेखना के लिए संयम धारण किया है उनकी उम्र भली अधिक हो शारीरिक आरोग्य नहीं है पर मानसिक आरोग्य बहुत है। पहले के विद्वान यहां तक कि हमने भी चिमनी के प्रकाश में लौकिक अध्ययन प्राप्त किया है। 
श्रावकों को अपने दिनचर्या भजन और दैनिक कार्य कार्य खानपान व वेशभूषा में मर्यादा जरूरी है देव शास्त्र गुरु उपयुक्त स्थान पर होना चाहिए क्योंकि जिनवाणी जिनेंद्र भगवान की वाणी है जिनवाणी से




कर्म सिद्धांत की जानकारी मिलती है। मन ही सुख दुख का कारण है क्योंकि कर्म से ही सुख-दुख का बंध होता है। बाहर से आए अतिथियों ने पूर्वाचायोके चित्र का अनावरण दीप प्रज्ज्वलित कर आचार्य श्री के चरण प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किया।राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
