चंद्रांचल स्वस्ति तीर्थ प्यावड़ी पीपलू में भगवान चन्द्रप्रभु का मार्जिन किया हुआ सफ़ेद कपड़ा हुआ केसरयुक्त
प्यावड़ी पीपलू
पंचम काल में भी अतिशय होते हैं इसका साक्षात प्रमाण चंद्रांचल स्वस्ति तीर्थ प्यावड़ी पीपलू में देखने को मिला जब एक मई की बेला में चंद्रांचल स्वस्ति तीर्थ प्यावड़ी पीपलू में भगवान चन्द्रप्रभु का मार्जिन किया सफ़ेद कपडा केसरयुक्त पीले रंग में परिवर्तित हो गया | इस महोत्सव में यहाँ 100 से ज्यादा श्रद्धालु मौजूद थे।
क्षेत्र के मंत्री श्री श्रेयांश अग्रवाल ने बताया कि यहाँ भव्य जिनमंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है जिसका शिलान्यास परम पूज्य भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 श्री स्वस्तिभुषण माताजी के सानिध्य में 23 जनवरी 2026 को ही हुआ था उस समय भी यहाँ चांदी के सिक्के एवं केसर अतिशय के रूप में देखने को मिला था।

श्री श्रेयांश अग्रवाल ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से देखने को मिल रहा है कि पूर्णिमा के दिन मार्जिन किया हुआ कपड़ा केसर युक्त पीला हो जाता है। उनका कहना है कि यहां पर कई बार केसर देखने को मिलती है एवं अभिषेक करने वालों को सिक्का आदि भी देखने को मिलता है।




निश्चित रूप से क्षेत्र की ऊर्जा भगवान चंदा प्रभु भगवान का दिव्य चमत्कार एवं अतिशय कहा जा सकता है मूलनायक प्रतिमा वीर निर्वाण संवत 1862 की है जो लगभग 800 वर्ष प्राचीन है जो इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण परिरक्षित करता है कि जैन दर्शन एवं जैन धर्म कितना प्राचीन है।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
