बाहुबली कॉलोनी में श्री पदमप्रभु जिनालय का शिलान्यास समारोह संपन्न सुरेश चंद्र गांधी नौगामा बांसवाड़ा राजस्थान की रिपोर्ट ———बांसवाडा ।
शहर के बाहुबली कॉलोनी में पदमप्रभु भगवान के नवीन जिनालय हेतु शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया । कमेटी अध्यक्ष संजय गांधी व प्रवक्ता संकेत जैन ने बताया कि आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज एवं आचार्य श्री समयसागरजी महाराज के आशीर्वाद तथा निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव सुधासागरजी महाराज के परम आशीर्वाद व प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया “सुयश” अशोकनगर के सानिध्य में सानंद शिलान्यास समारोह संपन्न हुआ ।
प्रात: नो बजे प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया के निर्देशन में भूमि जागरण एवं भक्ता्मर विधान का आयोजन किया गया । जिसके उपरांत बडी संख्या् में उपस्थित वागड के श्रद्धालुओं के समक्ष प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया जी ने शिलान्यास के पूण्यार्जक के लिए बोली लगाना प्रारंभ की तो बढचढ कर भक्तों ने बोली को आगे बढाया । जिसके बाद भरडा परिवार से संकेत भरडा पुत्र चंद्रपाल भरडा, मगनलाल भरडा बाहुबली कॉलोनी का शिलान्यासकर्ता के रूप चयन किया गया । शिलान्यास समारोह के मुख्य पात्र संकेत पुत्र चंद्रपाल भरडा परिवार ने भैयाजी के निर्देशन में विधि विधान पूर्वक भगवान प्रदमप्रभु के नवीन जिनालय की प्रथम शिला रखी तो चारो और से जयकारा लगने लगा ।

नींव में ताम्र शिला 135 रजत शिला 23 स्वर्ण शिला 30 तथा प्रदमप्रभु जिनालय कमेटी के समाज के 85 परिवार व अन्य श्रद्धालुओं ने मिलकर कुल 108 रिम बिजमंत्र शिला रखी । समाज के प्रवक्ता ने बताया कि बहुमंजीला पदमप्रभु जिनलाय 7650 वर्गफुट जमीन पर बनेगा जिसका कार्य आज से प्रारंभ कर दिया है । संचालन हेमेन्द्र कुमार जैन व डा लोकेश शाह ने किया ।
प्रातःकालीन शिलान्यास भूमि पर यंत्रजी पर शांतिधारा और अभिषेक का सौभाग्य राजकुमार शांतिलाल भरड़ा परिवार को मिला । मैना देवी धर्मपत्नी धनपाल खोडणिया परिवार बड़ोदिया ने फावडा, संगीता धर्म पत्नीं दिलीप शाह परिवार हाउसिंग बोर्ड ने तसला व नरेश कोठारी पुत्र मणिलाल कोठारी परिवार ने कन्नी का पुण्यार्जन प्राप्त किया ।
मुख्य शिला के चारों कोनो ओर मध्य में शिला के लाभार्थी हुकमीचंद शांतिलाल शाह हाउसिंग बोर्ड, प्रमोद तोलाचंद शाह परिवार, कल्पेश जीतमल शाह परिवार, अशोक बदामीलाल कोठिया ओर प्रद्युम्न केसरीमल शाह परिवार बाहुबली कॉलोनी को मिला ।
बाहुबली कॉलोनी में जहां शिलान्यास हो रहा था वही पर एलईडी के माध्यम से निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने मुंगावली से लाईव प्रवचन में आशिर्वाद देते हुए उपस्थित 72 गांवों के पंचो, प्रतिनिधियों को मुख्य प्रेरणा दी कि जिन्दागी में एक मंदिर बनाकर जरूर मरना,नही मिले तो एक वेदी, नही मिले तो मंदिर की फर्श लगाकर या मंदिर का शिखर, किवाड लगा कर और कुछ नही मिले तो जब कही आस पास शिलान्यास होतो एक ईट लगाकर मरना इससे सस्ता और कुछ नही हो सकता । अतिथियों का स्वागत कमेटी द्वारा किया गया ।
