जवानी का सच और जीवन की पुकार..भटकी हुई रफ्तार को सही दिशा देने का विचार..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज 

धर्म

जवानी का सच और जीवन की पुकार..भटकी हुई रफ्तार को सही दिशा देने का विचार..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज

परतापुर बांसवाड़ा

अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज एवं उपाध्याय पियूष सागरजी महाराज ससंघ परतापुर बांसवाड़ा में विराजमान हैं  उसी श्रुंखला में उपस्थित गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि। मैं आज के आम आदमी की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को देख रहा हूँ — आज हालात ऐसे हो गए हैं कि बचपन से सीधा बुढ़ापा आ जाता है। जवानी कब आती है और कब चली जाती है, इसका पता ही नहीं चलता।

 

 

 

छोटे-छोटे बच्चों की आँखों पर भारी नंबर का चश्मा दिखता है। युवाओं के सिर पर समय से पहले सफ़ेद बाल नज़र आते हैं। नौजवान भी थके-हारे, बूढ़े इंसान की तरह दिखाई देते हैं। आज के युवा के चेहरे पर न ओज है, न तेज। धँसी हुई आँखें, पिचके गाल, मुरझाया चेहरा और निराशा में भटकता मन — यही आज की जवानी का विचित्र चित्र बन गया है वह बुरी आदतों और व्यसनों का इतना आदी हो चुका है कि उसकी जवानी जैसे लकवाग्रस्त हो गई है। सच कहें तो आज की जवानी मानो ठहर सी गई है।Golden advertisement for an 8×10 inch Premium LED Light Frame featuring Buddha and listed features like UV Print, waterproof, and contact info on the postery background.

Promotional poster with a man in a suit and Hindi quote about recognizing personal talents, plus contact numbers at the bottom left.

मेरी कोशिश है कि देश के नौनिहालों और युवाओं को जीवन जीने की कला सिखाई जाए, उन्हें उनके कर्तव्यों का बोध कराया जाए। दिन इस तरह जियो कि रात को चैन की नींद आए, और रात इस तरह बिताओ कि सुबह किसी से आँख मिलाने में शर्म न हो। जवानी इस तरह जियो कि बुढ़ापे में पछताना न पड़े, और बुढ़ापा इस तरह बिताओ कि किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े।

 

जीवन को महान बनाने के लिए इन चार बातों से ऊपर उठना होगा—

(1) मुझसे नहीं होगा।

(2) अभी मेरा मूड नहीं है।

(3) मेरी किस्मत खराब है।

(4) लोग क्या कहेंगे-?

क्यों अधमरा जीवन जी रहे हो-? जो करना है और जो पाना है, उसके लिए पूरी ताकत लगा दो। फिर देखना, तुम्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।

जीवन में हिम्मत से हारना, पर हिम्मत कभी मत हारना…!!! नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *