केपाटन अतिशय क्षेत्र में स्वास्तिभूषण माताजी ने स्वाध्याय के महत्व पर प्रकाश डाला स्वाध्याय से ही मोह से मुक्ति और निज की पहचान संभवःस्वस्तिभूषण माताजी
| केशवरायपाटन
अतिशय क्षेत्र में शनिवार को धर्मसभा हुई। इसमें गणिनी आर्यिका 105स्वस्तिभूषण माताजी ने स्वाध्याय के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि मोह को छोड़ने का सबसे प्रभावी उपाय स्वाध्याय है। इससे व्यक्ति अपनी वास्तविक पहचान कर सकता है। माताजी ने कहा कि सांसारिक पद खत्म होने वाले हैं। पद नहीं मिले तो दुःख होता है और मिल जाए तो अभिमान आ जाता है। भगवान ने जो अक्षय पद प्राप्त किया है, वह स्थायी है।


स्वाध्याय से व्यक्ति स्वयं को जानने लगता है और मोह कम होता माताजी ने चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें जीत पर सम्मान और हार पर तनाव मिलता है, जबकि अक्षय पद हमेशा साथ रहता है। मोह मनुष्य को बांधे हुए है। स्वाध्याय से व्यक्ति स्वयं को जानने लगता है और मोह कम होता है। सम्यक ज्ञान ही इस संसार में हमारा वास्तविक सहारा है।


मनुष्य मोह में फंसा होने के कारण संसार में भटक रहा है। अंत में उन्होंने सांसारिक पदों के बजाय अक्षय और निज पद की प्राप्ति के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
