Monks participate in a temple ceremony; several shirtless men sweep with large brushes while a senior priest presides at a decorated podium, with a temple backdrop and Hindi banner.

असाता के उदय में भी समता परिणाम पूर्वक सहन करने से साता का वंद होता है- राष्ट्र संत मुनि पुगंव श्री सुधासागर जी महाराज णमोदय तीर्थ के उदय के साथ मुंगावली को मिलेगी नई पहचान*

धर्म

असाता के उदय में भी समता परिणाम पूर्वक सहन करने से साता का वंद होता है- राष्ट्र संत मुनि पुगंव श्री सुधासागर जी महाराज णमोदय तीर्थ के उदय के साथ मुंगावली को मिलेगी नई पहचान*

मुंगावली-

कष्ट दुःख असाता को भी समता भाव पूर्वक सहन करने से साता वेदनी कर्म का ही बंध होता है ।ऐसा नहीं है कि आप दु:ख दारुण कष्टों को समता भाव पूर्वक सहते जा रहे हैं फिर भी कष्ट ही आये। समता से आगे चलकर साता का ही उदय आयेगा। दुःख को यदि हम दुःख ना माने तो सुख जरूर आयेगा। यह प्रकृति का नियम है ।यदि कष्ट दुःख आने पर अपना आपा खो दें तो दुःख ही बढ़ेगा, सुख नहीं मिल सकता। सुख पाने के लिए तो दुःख को भी हंसी-हंसी में झेलना ही होगा । फिर देखो सुख आपके पीछे पीछे दौड़ा आयेगा। अब आपके नगर को एक नई पहचान मिलने जा रही है, अब लोग णमोदय तीर्थ के दर्शन करने आयेंगे। इससे मुंगावली को एक नई पहचान मिलेगी। उक्त आश्य के उदगार सुधा सागर सभागार में जिज्ञासा समाधान करते हुए राष्ट्रसंत मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए ।

 

 

     इसके पहले जैन समाज अशोक नगर अध्यक्ष राकेश कासंल के साथ अथाईखेड़ा जैन समाज ने परम पूज्य राष्ट्र संत मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज से अथाईखेड़ा ग्राम में नवीन भव्य जिनालय के निर्माण का निवेदन किया। निर्मल जैन ने कहा कि हम वर्षो से आपके आगमन का इंतजार कर रहे हैं जिससे मन्दिर का निर्माण हो। जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि अथाईखेड़ा वाले आज अशोकनगर की पूरी कमेटी को साथ लाये है यह किशनगढ़, बिजोलिया,आवा हर जगह गये। यहां खनियाधाना गोलाकोट के बाद आस जगी कि आपके चरण इस ओर बढ़ सकते हैं और आज अथाईखेड़ा की उम्मीद जगी है आपका मार्ग दर्शन और आशीर्वाद चाहिए ।प्रदीप भईया भूमि का अवलोकन कर लें और भूमिका पूरी बन जाये। इस दौरान जैन समाज अध्यक्ष राकेश कासंल, महामंत्री राकेश अमरोद कोषाध्यक्ष सुनील अखाई सहित पूरी अशोकनगर की दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी ने अथाईखेड़ा के जैन मन्दिर निर्माण में सहयोग का आश्वासन दिया ।

व्यक्ति सूट में सीढ़ी चढ़ता एक आधुनिक बिल्डिंग पृष्ठभूमि पर, ऊपर लाल हिंदी हेडलाइन वाला विज्ञापन दिख रहा है; बीच में ग्रे बबल में संदेश और नीचे नमकीन के ट्रे के साथ संपर्क नंबर।

 नगर के श्रावक श्रेष्ठी निर्मल कुमार अथाईखेडा एवं उनकी जीवन संगनी ने अपनी दो बीघा ज़मीन देकर मन्दिर निर्माण के साथ प्रभु की विशाल प्रतिमा स्थापित करने की भावना रखी तो मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि जव भी कोई नवीन योजना बनती है तो भविष्य को भी ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए मन्दिर निर्माण वर्षो में कभी हो पाते हैं ये निर्मल एवं गिरीश बहुत पुराने भक्त है। अथाईखेड़ा परिवार मन्दिर निर्माण के साथ एक अच्छी धर्मशाला व संत निवास का भी निर्माण हो तो सभी आवश्यकताओं की धीरे- धीरे पूर्ति हो जायेगी।                       संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *