Large crowd in traditional clothing gathers around a vehicle in a street procession, with onlookers filling the area behind scaffolding and a tall red pillar in view.

पाषाण से निर्मित हो रहें मुंगावली के विशाल जिनालय में तिलक दान के साथ प्रभु विराजित हुएव्यक्ति जीवन यापन के संसाधनों को जुटाने में सब कुछ भूल जाता है- सुधासागर महाराज

धर्म

पाषाण से निर्मित हो रहें मुंगावली के विशाल जिनालय में तिलक दान के साथ प्रभु विराजित हुएव्यक्ति जीवन यापन के संसाधनों को जुटाने में सब कुछ भूल जाता है- सुधासागर महाराज

   मुंगावली 

   गृहस्थ जीवन में रहते हुए व्यक्ति जीवन यापन के संसाधनों को जुटाने में इतना व्यस्त हो जाता है कि सब कुछ भूल जाता है ।उसे अपने स्वरूप का जगत का ज्ञान ही नहीं रहता यहां तक उसे अपने दुःख का भी भान नहीं रहता। जब कभी सौभाग्य से सदगुरु का समागम मिलता है तब उसे समझ में आता है कि मैं कहां उलझ गया और अब उलझन सुलझने का नाम ही नहीं ले रही। उसी भूल को सुधारने का मौका हमे इस दुर्लभ मनुष्य जन्म में मिला है इसे हाथ से नहीं निकलने देना। जगत की भलाई के लिए जो कुछ भी बन पड़े करते चले जाना उक्त आशय के उद्गार मुंगावली के सुधा सागर सभागार में विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रसंत मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए अशोक नगर से बने आई ए एस चितवन जैन का भी सम्मान हुआ

 

 

 

*अपनी ही भूल के कारण ये जीवआत्मा भटक रही है*

उन्होंने कहा कि अपनी ही भूल के कारण यह जीव आत्मा भटक रहा है हमारी ही भूल हम पर हावी हो रही है इन भूलों को सुधारने का करने उध्धम करना होगा कर्मों के अनुसार न करके स्वयं को निरखकर ज्ञाता दृष्टा स्वभाव की ओर अपने चंचल चित्त लगायें रखना होगा उसके राग द्वेष मोह में कमी आयेगी जो दुखों का मुख्य कारण है अपने स्वभाव रूप आनंद पाने की तरफ़ कम से कम एक कदम तो उठाएHindi ad banner for namkeen snacks: sky background, bold red headline, blue speech-bubble with Hindi quote about birds, plus a tray of mixed fried snacks and contact numbers at bottom.

 

 

णमोदय तीर्थ के नाम से जाना जायेगा अव नव निर्माण की ओर बढ़ रहा जिनालयपिछले बारह वर्षो से पाषाण से निर्मित हो रहे नवीन जिनालय में विराजमान होने वाले पन्द्रह फिट ऊंचाई अवगाहना वाले श्री शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा का तिलक दान करने का सौभाग्य श्री मति उषा, देवेन्द्र कुमार अर्पित कुमार सिंघई सर्व प्रथम मिला ।

 

 

परम पूज्य आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भईया के मंत्रोच्चार के बीच किया इसके बाद सर्व समाज और बाहर से पधारे भक्तों को भी तिलक दान का सौभाग्य प्राप्त हुआ। 

 

    संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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