मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ससंघ का भोपाल महानगर से विदिशा की ओर मंगलविहार 16 नवंबर को शीतलधाम में मंगल अगवानी सम्भावित

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मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ससंघ का भोपाल महानगर से विदिशा की ओर मंगलविहार 16 नवंबर को शीतलधाम में मंगल अगवानी सम्भावित
विदिशा

संत शिरोमणि आचार्य गुरुदेव श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के परमप्रभावक शिष्य गुणायतन प्रणेता मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज मुनि श्री संधानसागर महाराज का संघ सहित मंगल विहार भोपाल से विदिशा कि ओर चल रहा है।

 

 

प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया मध्यप्रदेश की राजधानी को विद्या प्रमाण गुरुकुलम् का सौभाग्य मिला एवं अवधपुरी में चौमासा करने के उपरांत मुनिसंघ का मंगल विहार प्रारंभ हो गया आगामी 16 नवंबर रविवार को विदिशा में मंगल प्रवेश की सम्भावनायें है।मुनि श्री ने साकेतनगर में कहा कि अधिकांश लोग अपनी वर्तमान काल्पनिक छवि के साथ आत्म स्मृती और आत्ममुग्धता का जीवन जीते है बहुत कम लोग है,जो जीवन और जीवन के मर्म को पहचानते है, ज्यादातर लोग जो छवि हमने अपनी मान रखी है उस छवि के अनुरुप ही अपने आपको मानते है,तथा अपने जीवन व्यवहार को करते है,

 

 

मुनि श्री ने कहा कि कभी आपनेअपने आपसे प्रश्न किया है,कि मैं कौन हुं? मेरा क्या है? मैं क्या कर रहा हूँ? मुझे क्या करना चाहिये? बोलो कभीआपने अपने स्वरूप का स्मरण किया है? पूरा जीवन अपने वर्तमान नाम पद और प्रतिष्ठा के ताने बाने में उसको चमकाने में लगे रहते हो जो कि आपका अपना नहीं, वास्तविक तथा शाश्वत नहीं है,कभी यह विचार किया है कि मैं कौन हुं? जब तक यह बात अंतःप्रेरणा में प्रकट नहीं होगी तब तक जीवन की दिशा और दशा सुनिश्चित नही होगी

 

उन्होंने कहा कि ये जो आपने अपने ऊपर झूठ का तानाबाना बुन रखा है जब उसकी पूर्ती नहीं होती तो तकलीफ होती है,और हम अपना पूरा जीवन उसी में को सजाने में लगे रहते है,और एक दिन इस शरीर की लीला समाप्त हो जाती है, मुनि श्री ने कहा कि किस नाम और प्रतिष्ठा को चमकाने में लगे हो? अनंत लोग इस संसार में आए और चले गये,आप लोग भी अपने अपने घरों में देखलो कितनी पीढ़ी तक के लोगों के नाम याद रहते है? अभी तो फिर भी तीन- चार पीढ़ी के नाम याद रहते है आने वाली पीढ़ी को तो एक ही पीढ़ी के नाम याद रह जाए यह ही बहुत बड़ी बात रहेगी।

 

मुनि श्री ने कहा कि अनंत आए और अनंत चले गये, आज शिला पर नाम तो अंकित है लेकिन नामधारी चला गया मुनि श्री ने कहा यह जो मान का लबादा और मै के विशेषण जोड़ रखे है यह एक मात्र झूठी कल्पना है कि मैं कुछ हुं और उसी भ्रम में इंसान अपनी जिंदगी को पूर्ण कर लेता है।

 

 

प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया श्री शांतिनाथ जिनालय स्टेशन मंदिर में निर्यापक श्रमण मुनि श्री सम्भवसागर महाराज स संघ विराजमान है। प्रातः8:45 से मुनिसंघ के प्रवचन 9:45 से आहार चर्या दौपहर तीन बजे से स्वाध्याय तथा सांयकाल 5:30 बजे से गुरुभक्ति एवं तत्पश्चात आरती हो रही है।

        संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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