डॉक्टर कल्याण गंगवाल ने समय शिखर तीर्थ की वंदना करते हुए तीन संकल्प लेते हुए एक मुख्य संकल्प लिया कि अंतिम सांस प्रमाण सागर महाराज के चरणों में ही लूंगा
सम्मेदशिखर
जाने माने चिकित्सक शाकाहार जीवदया परोपकार के प्रेरक मानव सेवा में अग्रणीय व्यक्तित्व डॉक्टर कल्याण गंगवाल जिन्होंने हजारों लोगों को शाकाहारी बनाया साथ ही साथ साहसिक कदम उठाते हुए बली प्रथा को रोकने में भी अपना अमूल्य योगदान दिया
ऐसे उदारमना व्यक्तित्व ने शाश्वत तीर्थ सम्मेदशिखर तीर्थ की वंदना करते हुए तीन संकल्प लिए जिसकी उन्होंने घोषणा गुणायतन प्रणेता मुनिश्री 108 प्रमाण सागर महाराज के समक्ष की उन्होने कहा गुरुदेव आज तक मैने आपसे अनेक प्रश्न किए लेकिन मैं आज कोई प्रश्न नहीं करूंगा गुरुदेव में आज तीन संकल्प जो मैंने पार्श्वनाथ भगवान की तीनों पर वंदना करते हुए लिए हैं।




पहला संकल्प कोई भी बीमारी होने पर मैं हॉस्पिटल नहीं जाऊंगा और धर्म चिंतन करूंगा।
द्वितीय संकल्प लिया की आज से मैं जीवन पर्यंत एक बार ही भोजन लूंगा।
जैसे ही श्री गंगवाल ने अपना तीसरा संकल्प लिया सारा मंच तालिया की गुंज और गुरुदेव की जय कारों से गूंज उठा श्री गंगवाल ने संकल्प दोहराया कि में अंतिम सांस महाराज श्री आपके चरणों में ही लूंगा ऐसा प्रेरणादायक निर्णय सुनकर सभी गदगद हो गए गुरुदेव ने उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया और अपने उद्बोधन में कहा कि यह संकल्प भी ले की अंतिम सांस निर्गृंथ बनकर लूंगा।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
