अहिंसा परमोधर्मः, विश्व शांति और जीव मात्र के कल्याण की पवित्र भावना से हुआ नवकार महामंत्र सामूहिक जाप का भव्य आयोजन। यह आयोजन प्रति माह होना चाहिए : मुनि श्री निष्पक्ष सागर

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अहिंसा परमोधर्मः, विश्व शांति और जीव मात्र के कल्याण की पवित्र भावना से हुआ नवकार महामंत्र सामूहिक जाप का भव्य आयोजन। यह आयोजन प्रति माह होना चाहिए : मुनि श्री निष्पक्ष सागर

 

रामगंजमंडी 

रामगंजमंडी स्थित श्री वर्धमान जैन श्वेतांबर स्थानक में जीतो ( JITO) के आव्हान पर विश्व व्यापी नवकार महामंत्र जाप आयोजन प्रातः 8:01 बजे मंगल प्रार्थना के साथ शुरू हुआ। वर्धमान डांगी द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना को सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से दोहराया। इसके पश्चात सचिव सुनीता जैन, रीता पतिरा, लता मेहता एवं महिला मंडल द्वारा भजन प्रस्तुत किए गए। मनीष डांगी, लोकेश धूपिया ,ऐश्वर्या कीमती, अधिवक्ता विशाल जैन सहित नवयुवक मंडल ने सभी की स्वागत कर अगवानी की।

 

 

तदुपरांत संघ अध्यक्ष सागरमल बिजावत ने प्रथम नवकार मंत्र उच्चारित कर महामंत्र के सामूहिक जाप का शुभारंभ करवाया, जो प्रातः 9:36 बजे सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर संघ के दिवंगत अध्यक्ष स्व. रूपचंद चतर सहित समस्त दिवंगत आत्माओं की शांति एवं श्रद्धांजलि स्वरूप पांच नवकार मंत्र का अतिरिक्त पाठ भी किया गया।

जेटीआर (जीतो टाउन रिप्रेजेंटेटिव) वीरेंद्र जैन ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग से यह आयोजन अत्यंत गरिमापूर्ण रूप से सम्पन्न हुआ। उन्होंने बताया कि आज 108 नवकार महामंत्र जाप के साथ 201 सामूहिक सामायिक आराधनाएं सम्पन्न हुईं। नवकार आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

इस अवसर पर संघ सचिव अजीत पारख, रूपचंद जैन, ज्ञानचंद डांगी, तेजमल सराफ, पारस सेठी, प्रदीप चतर, अशोक बाबेल, सुनील जैन, अशोक जैन, राजकुमार बोथरा, हरेश पतिरा, संजय पतिरा, धर्मचंद सकलेचा, राजेंद्र मेहता, मंगल डांगी सहित समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

 

 

 

इसी क्रम में श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में विश्व शांति की मंगल भावना से शांति विधान एवं नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप आयोजित किया गया। यहां आयोजित धर्मसभा में जेटीआर वीरेंद्र जैन ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक लाभ प्रदान करने वाला है, बल्कि मन की उलझनों को सुलझाने, समाज में सद्भाव, समर्पण, सामंजस्य एवं सामूहिकता को बढ़ाने वाला भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विश्व शांति एवं जीव मात्र के कल्याण की भावना को प्रवाहित करते हुए वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

वीरेंद्र जैन के आग्रह पर प्रातः 9:01 बजे मुनि श्री निष्पक्ष सागर ने अपने श्रीमुख से प्रथम नवकार मंत्र उच्चारित कर जाप का शुभारंभ करवाया, जो 9:36 बजे सम्पन्न हुआ।

तदुपरांत आशीर्वचन देते हुए मुनि श्री निष्पक्ष सागर ने कहा कि विश्व नवकार मंत्र दिवस के अवसर पर सैकड़ों देशों में विश्व शांति एवं जीव मात्र के कल्याण के लिए सामूहिक जाप किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैन दर्शन आत्मा के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है तथा नवकार मंत्र अत्यंत मंगलकारी है, जो समस्त पापों का नाश कर आत्मा को शांति एवं ऊर्जा प्रदान करता है। यह महामंत्र प्रत्येक आत्मा में निहित परमात्मा बनने की क्षमता को जागृत कर सही दिशा में अग्रसर करता है।

उन्होंने कहा कि जैन दर्शन व्यक्ति नहीं, बल्कि व्यक्तित्व एवं गुणों को महत्व देता है। नवकार मंत्र के माध्यम से हम उन गुणवान आत्माओं को नमन करते हैं, जो सद्गुणों से विभूषित हैं। यह मंत्र सार्वभौमिक एवं सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण है, जिसका स्मरण असंख्यात पापकर्मों की निर्जरा कर पुण्य का बंध कराता है।

मुनि श्री ने समाज को संबोधित करते हुए प्रश्न उठाया कि ऐसा श्रेष्ठ आयोजन वर्ष में केवल एक बार ही क्यों किया जाए? इसे प्रति माह आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि समस्त समाज मिलकर नवकार महामंत्र के सामूहिक जाप का आयोजन नियमित रूप से करे तथा इसमें जैनेतर बंधुओं को भी जोड़कर व्यापक स्तर पर इसका लाभ पहुंचाए।

 

 

मुनि श्री निस्पृह सागर ने कहा कि मंत्रों के उच्चारण से शरीर एवं मन के नकारात्मक तत्वों का क्षय होता है तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मंत्र साधना के माध्यम से अनेक रोगों में भी लाभ प्राप्त किया जा सकता है। सर्वाधिक ऊर्जा एवं शक्ति से परिपूर्ण होने के कारण ही नवकार मंत्र को ‘महामंत्र’ कहा गया है।

धर्मसभा का संचालन सिद्धार्थ भैया द्वारा किया गया। आदर्श विद्या मंदिर सहित खैराबाद मोड़क गांव सुकेत रामगंज मंडी क्षेत्र के एक दर्जन विद्यालयों में भी नवकार मंत्र का सामूहिक जाप किया गया।

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