लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने लिया प्रणम्य सागर महाराज का आशीर्वाद 

धर्म

लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने लिया प्रणम्य सागर महाराज का आशीर्वाद

सिंगोली

संत श्री के चरणों में कोटि-कोटि वंदन एवं विनम्र साधुवाद यह भाव

पंचकल्याण महा महोत्सव में पधारे लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने गुरुवर प्रणम्य सागर जी महाराज के समक्ष कहे। उनका यह उद्बोधन वास्तव में अत्यंत प्रेरणादायी एवं विचारणीय रहा।

 

 

 

संत श्री द्वारा समयानुकूल, निर्भीक और सारगर्भित वचन कहना उनकी महानता का प्रतीक है। आपने जीव दया जैसे संवेदनशील विषय पर ओमजी बिरला को स्मरण कराकर जो सत्य का स्पर्श कराया, वह केवल संतों की ही विशेषता होती है।

 

श्री बिरला ने कहा संत न किसी लाभ की कामना रखते हैं, न किसी हानि का भय—वे तो केवल सत्य, धर्म और करुणा के मार्ग पर अडिग रहते हैं। इसी निष्पक्षता और निर्भीकता के कारण उनके वचन समाज को दिशा देने वाले बन जाते हैं।

 

आज जब अधिकांश लोग पद, प्रतिष्ठा और स्वार्थ के बंधनों में बंधे होते हैं, तब संतों का यह साहस—सत्य को सत्य कहना—वास्तव में अनुकरणीय है। यह कार्य न तो पक्ष के नेता कर पाते हैं, न विपक्ष के, क्योंकि उनके निर्णय अक्सर स्वार्थ और भय से प्रभावित होते हैं।

वर्तमान समय में मांस निर्यात के बढ़ते आंकड़े, तथा मत्स्य पालन और मुर्गी पालन को कृषि का दर्जा दिया जाना, निश्चित ही जीव दया भाव रखने वाले प्रत्येक संवेदनशील हृदय के लिए गहन चिंता का विषय है। ऐसे समय में संतों का मार्गदर्शन ही समाज को सही दिशा दिखा सकता है।

 

 

उन्होंने कहा संतों की वाणी ही समाज का पथप्रदर्शक दीपक है—जो अज्ञान के अंधकार में भी सत्य का प्रकाश फैलाती है। इस बेला में संरक्षक श्री पारस जैन हरसौरा एवम अध्यक्ष श्री भरत जैन के नेतृत्व में लोकसभा अध्यक्ष महोदय का स्वागत किया गया।

 

 

महाराज श्री चरणों का पद प्रक्षालन कर बिरला भाव विभोर

इन मांगलिक पलों में जब श्री बिरला ने अर्हम गुरु प्रणम्य सागर महाराज के चरणों को नमन करते हुए उनके चरणों का पद प्रक्षालन किया वे भाव विभोर हो उठे संतो के प्रति उनकी निष्ठा समर्पण भाव को दर्शाता है

इसी के साथ भगवान के मोक्षकल्याण के साथ पंचकल्याणक महोत्सव का समापन हो गया।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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