अहिंसा के अग्रदूत भगवान महावीर स्वामी की जयंती भव्यता के साथ मनाई गई
रामगंजमंडी
हर वर्ष की भाती इस वर्ष भी भगवान महावीर स्वामी की जयंती हर्ष उल्लास के साथ मनाई गई। सकल दिगंबर जैन समाज के सानिध्य में इस वर्ष की महावीर जयंती बहुत ही अभूतपूर्व रही प्रातः बेला में प्रभात फेरी निकाली गई उसके उपरांत श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से श्री जी की रथ यात्रा प्रारंभ हुई इस वर्ष की महावीर जयंती आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज के परम शिष्य एवं परम पूज्य आचार्य श्री 108 समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवृति शिष्य पूज्य मुनि श्री 108 निष्पक्ष सागर महाराज एवम निष्प्रह सागर महाराज का पावन सान्निध्य भी मिला श्री जी की रथ यात्रा में पूज्य मुनिसंघ का सानिध्य मिलने से शोभा यात्रा दिव्य एवं अलौकिक हो गई। युवा शक्ति दिव्य घोष का वादन करते हुए चल रही थी।
इसी के साथ जियो और जीनों दो का संदेश देते हुए युवा स्वयं अपने हाथों से रथ को खींच रहे थे। महावीर भगवान की जय जियो और जीने दो के उद्घोष सुनाई पड़ रहे थे। बालिकाएं भक्ति नृत्य करते हुए चल रही थी।जगह-जगह श्री जी की आरती की गई एवं महाराज श्री संघ का पाद प्रक्षालन मंगल आरती की गई।

पूरा नगर महावीर स्वामी की जय अहिंसा परमो धर्म की जय जैन धर्म की जय जयकार के उद्घोष से गुंजायमान था यह रथ यात्रा श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर से प्रारंभ हुई जो माल गोदाम चौराहा सरकारी कुआं चौराहा श्वेतांबर मंदिर, अंबेडकर सर्किल स्टेशन चौराहा होते हुए पुनः शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंची। शोभा यात्रा के श्वेतांबर दिगंबर जैन मंदिर पहुंचने पर श्री जैन श्वेतांबर श्री संघ अध्यक्ष राजकुमार पारख ने सभी को महावीर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए आगामी दिनों में होने वाले मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने की सभी से अपील की एवं आमंत्रण दिया।

श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के मंगल कलश प्राप्त करने का सौभाग्य श्रीमान दिलीप कुमार विनायका परिवार रामगंजमंडी को एवं महावीर दिगंबर जैन मंदिर के मंगल कलश प्राप्त करने का सौभाग्य श्रीमान सुरेश कुमार दर्शन कुमार लाम्बाबांस परिवार को प्राप्त हुआ। रथयात्रा में भक्ति उल्लास श्रद्धा भरपूर दिखी। श्री जी के रथ पर सारथी बनने का सौभाग्य शिखरचंद देवेंद्र कुमार टोंग्या एवम खजांची बनने का सौभाग्य राजेश कुमार संयम कुमार बागड़ियां परिवार को प्राप्त हुआ।
श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचने पर श्री जी का अभिषेक शांति धारा संपन्न हुई। इसी कड़ी में महाराज श्री के चरणों का पद प्रक्षालन का सौभाग्य भगवानस्वरूप पदमकुमार खानपुर वाले परिवार को प्राप्त हुआ। महाराज श्री संघ को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य संजय कुमार जैन हरसौरा परिवार को प्राप्त हुआ। मंगल आरती का सौभाग्य विनोद कुमार नमन कुमार मित्तल परिवार को प्राप्त हुआ।
भगवान महावीर स्वामी की पूजन उपरांत मंगलाचरण की प्रस्तुति आरवी जैन ने दी जो सभी का मन मोह गई समस्त क्रियाएं विधि विधान के साथ सिद्धार्थ जैन शास्त्री ने संपन्न कराई मंच का संचालन धर्मेंद्र लुहाड़िया ने किया।

इस बेला में मंगल प्रवचन देते हुए मुनि श्री 108 निष्प्रह सागर महाराज ने कहा कि भगवान महावीर ने हमें अनेकांतवाद एवं स्वायदवाद का सिद्धांत दिया महाराज श्री ने कहा कर्म किसी को नहीं छोड़ता जब कषाय उत्पन्न होती है तो सबसे पहले बुद्धि नष्ट होती है। हमारी बुद्धि दूसरों के दोषों पर जाती है और उसके निवारण पर नहीं जाती सुधार की ओर और सुधारक की ओर बुद्धि नहीं जाती है।
पूज्य मुनि श्री 108 निष्पक्ष सागर महाराज ने भगवान महावीर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज ऐसी विभूति ने जन्म लिया जिसने दुनिया की दशा और दिशा बदल दी धन्य है आपका और हमारा जीवन भगवान के जन्म के विषय में बताते हुए महाराज श्री ने कहा कि भगवान के जन्म से 15 माह पूर्व ही नगर दुल्हन की तरह सजकर तैयार हो जाता है और कुबेर महाराज साढ़े तीन करोड़ रत्नों की वर्षा दिन में चार बार करते हैं।
उन्होंने कहा कि संसार का नियम है कि हर चीज परिवर्तनशील है हमने स्टैंडर्ड के लिए हमारी संस्कृति को खराब कर दिया है।
एक गीत के माध्यम से कहा की जन्म से मरण तक दौड़ता है आदमी दौड़ते-दौड़ते ही दम तोड़ता है आदमी। उन्होंने कहा कोई भी काम हो एकता से हो चाहे काम कम हो।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
