मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज का हुआ रांची में मंगल प्रवेश संतो की शरण में इस तरह जाए कि मेरा पाप छूट जाए मुनिश्री
रांची
संत शिरोमणि आचार्य महामुनिराज 108 श्री विद्यासागर महाराज के साधक शिष्य गुणायतन शंका समाधान प्रणेता विद्या प्रमाण गुरुकुलम के जनक मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज का शनिवार को प्रातःकालीन बेला में मंगल प्रवेश हुआ। जैन समाज ने मुनिश्री की मंगल अगवानी की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनका आगवानी की।
मुनिश्री ने सुबह 5.30 बजे पारस मार्बल इटकी रोड से विहार कर पिस्का मोड़ पहुंचे। उनके साथ चल रहे भक्तों के अलावा पिस्का मोड़ से मुनिश्री की भव्य शोभायात्रा के रुप में रातू रोड वासुपूज्य जिनालय में दर्शन करने के बाद जाकिर हुसैन पार्क, कचहरी रोड, शहीद चौक होकर अपर बाजार दिगंबर जैन मन्दिर पहुंची।

वहां से मुनिश्री कार्ट सराय रोड, गाड़ीखाना और हरमू रोड होते हुए दिगंबर जैन भवन पहुंचे। महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक पहनावे और संस्कृति को दशति हुए जैन संस्कृति का प्रदर्शन किया। एक दर्जन से अधिक स्थानों पर उनका पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी गई।

वासुपूज्य जिनालय में 26 विशेष थाल में पाद प्रक्षालन हुआ। भजन गायक हेमन्त सेठी, उदित सेठी, आकाश सेठी, आशीष जैन और प्रतीक रारा ने मुनिश्री की चर्या और पंचकल्याणक पर भजन प्रस्तुत किए। शोभायात्रा में शामिल पुरुष हाथों में ध्वज लेकर जयघोष करते नजर आए। पार्षद सुनील यादव ने भी मुनिश्री का आशीर्वाद लिया।
एक परिचय महाराज श्री
हजारीबाग में जन्मे मुनिश्री प्रमाण सागर महाराज की 1008 भगवान महावीर के जन्मकल्याणक के दिन
मुनिश्री ने गुरुदेव विद्यासागर महाराज से मध्यप्रदेश के सोनागिरि सिद्धक्षेत्र में दीक्षा ली थी। इस वर्ष रांचीवासियों को मुनि श्री का 39वां दीक्षा दिवस मनाने का सौभाग्य मिला है।
1 अप्रैल से 6 अप्रैल तक राजधानी रांची में भव्य पंचकल्याणक महामहोत्सव का आयोजन मुनिश्री के सान्निध्य में होने जा रहा है। जिसे लेकर समाज में विशेष उत्साह है। जैन भवन में आयोजित धर्मसभा में मुनिश्री ने यात्रा और पंचकल्याणक पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संतो की शरण में इस तरह नहीं जाएं, कि मेरा पाप धुल जाए बल्कि संतो की शरण में इस तरह जाए कि मेरा पाप छूट जाए, जिस तरह हाथी स्नान करते हुए प्रफुल्लित होता हैं लेकिन बाहर निकलते ही धूल झाड़ लेता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
