ग्राम पांझ में संत निवास का भूमिपूजन कर निर्यापक मुनि संभवसागर महाराज ससंघ ने किया मंगल विहार, अश्रुपूरित नेत्रों से हुई मुनिसंघ की विदाई

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ग्राम पांझ में संत निवास का भूमिपूजन कर निर्यापक मुनि संभवसागर महाराज ससंघ ने किया मंगल विहार, अश्रुपूरित नेत्रों से हुई मुनिसंघ की विदाई

विदिशा।

संत शिरोमणि आचार्य श्री 108विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य एवं आचार्य श्री 108समयसागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती निर्यापक श्रमण मुनि श्री108 संभवसागर महाराज, मुनि श्री निस्सीमसागर महाराज एवं मुनि श्री संस्कारसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में श्री सकल दिगंबर जैन समाज विदिशा के सौजन्य से ग्राम पांझ में संत निवास हेतु भूमिपूजन समारोह संपन्न हुआ।

 

 

 

 

समिति के प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया कि ग्राम पांझ में कमलकुमार जैन द्वारा प्रदत्त 10 हजार वर्गफीट भूमि पर संत निवास निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया। प्रातःकाल मुनिसंघ ने ग्राम पांझ की ओर मंगल विहार किया, जहाँ विधि-विधानपूर्वक भूमिपूजन संपन्न हुआ।

 

 

 

इस अवसर पर मुनि श्री संभवसागर महाराज ने उपस्थित पुण्यार्जकों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि सागर-विदिशा-भोपाल बायपास मार्ग पर जैन साधुओं का निरंतर आवागमन बना रहता है, इसलिए यहाँ संत निवास का निर्माण अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि कमल जैन सक्षम परिवार द्वारा संत निवास हेतु भूमि समर्पित की गई है तथा श्री सकल दिगंबर जैन समाज विदिशा के सहयोग से शीघ्र ही संत निवास का निर्माण कराया जाएगा। समारोह में अनेक दानदाताओं ने भी अपनी श्रद्धानुसार दान की घोषणाएँ कीं। इस अवसर पर समाज के सभी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

 

भूमिपूजन के उपरांत मुनिसंघ की आहारचर्या ओलंपस स्कूल में संपन्न हुई। तत्पश्चात दोपहर की सामायिक के बाद लगभग सायं 5 बजे मुनिसंघ ने मंगल विहार किया।

 

 

 

प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया कि निर्यापक मुनि श्री संभवसागर महाराज ससंघ गंजबासौदा में चातुर्मास के उपरांत 28 अक्टूबर को विदिशा पधारे थे। लगभग 4 माह 22 दिन तक विदिशा में उनके मंगल प्रवास के दौरान नगर में व्यापक धर्मप्रभावना हुई।

इस दौरान आचार्य श्री विद्यासागरजी महामुनिराज के द्वितीय समाधि दिवस पर लगभग एक माह तक स्वर्णप्राशन अभियान चलाया गया, जिसमें 50 हजार बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। इसके बाद आयुर्वेद औषधि विद्याब्राह्मी कल्प का सेवन एक लाख लोगों तक कराया गया, जिसमें विदिशा नगर के जैन महिला मंडलों ने अभूतपूर्व सहयोग दिया।

 

 

 

इसी क्रम में आचार्य गुरुदेव के आशीर्वाद से निर्मित हो रहे “शीतलधाम” में भगवान श्री शीतलनाथ स्वामी के समवसरण मंदिर का कार्य तेजी से आगे बढ़ा तथा डोम के ऊपर चाबी रखी गई। साथ ही श्री आदिनाथ जिनालय का कार्य भी पूर्णता की ओर अग्रसर हुआ।

 

 

 

आचार्य श्री समयसागर महाराज की आज्ञा से 1008 भगवान श्री आदिनाथ स्वामी “बर्रो वाले बाबा” को नवीन मंदिर में विराजमान करने तथा नवीन जिनबिंबों के पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन जैन महाविद्यालय प्रांगण में संपन्न हुआ। इस दौरान बर्रो वाले बाबा को गगन विहार कराते हुए नवीन वेदी पर विराजमान कराया गया।

 

 

 

इन सभी धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला के अंतिम कार्यक्रम के रूप में श्री सकल दिगंबर जैन समाज समिति के निवेदन पर ग्राम पांझ में संत निवास हेतु भूमिपूजन संपन्न कराया गया। इसके पश्चात मुनिसंघ ने बायपास मार्ग से मंगल विहार किया। रात्रि विश्राम संगम विहार कॉलोनी बायपास पर होगा।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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