वर्तमान अच्छा है तो भविष्य भी अच्छा होगा- विज्ञमतीजी
आगरा,
हरीपर्वत स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के शान्तिसागर सभागार में प्रात:कालीन प्रवचन सभा में बोलते हुये। गणिनी आर्यिका 105 विशुद्धमती माता जी की प्रयाग्र शिष्या प्रज्ञा पद्ममनी आर्यिका 105 विज्ञमती माताजी ने कहा कि दिन तो हर अच्छा है, प्रत्येक दिवस प्रत्यार्वतन हो रहा है, यानी कल कुछ था, आज कुछ और है और कल कुछ और होगा!उन्होंने कहा जीवन मे अच्छे मित्र बनायें जो तुम्हे सही राह दिखायें, हम पुरुषार्थ करें फल की इच्छा न करें, क्योंकि वर्तमान अच्छा है तो भविष्य भी अच्छा होगा! उन्होने जीवन मे मां की महिमा सुनाते हुये कहा कि जहां जननी मां की गोद में आकर लोरी सुनते हुये सारी थकान दूर हो जाती है वहीं जिनवाणी मां हमें जगाती है और हमारे कर्तव्यों के प्रती हमें सावधान रखती है! हमें सुलाने वाली नहीं जगाने वाली मां की अधिक जरूरत है!

जितना लाभ ले सकते हैं ले, वरना कब यह मौका भी हाथ से निकल जाये! विजितमति माताजी
इससे पूर्व संघ की विजितमती माताजी ने भी अपने उद्बोधन में कहा कि चाहें बचपन में जागो अथवा बचपन, लेकिन जाग जाओ, कब अंधेरा हो जाय पता नहीं! उन्होंने कहा कि आगरा नगर का सौभाग्य है कि माताजी का संघ यहां पधारा है, जितना लाभ ले सकते हैं ले, वरना कब यह मौका भी हाथ से निकल जाये!
माताजी के नित्य प्रवचन ठीक प्रात: 8.45 पर प्रारम्भ होते हैं! सभा में आगरा दिगम्बर जैन परिषद के अध्यक्ष श्री जगदीश प्रसाद जैन, महामन्त्री सुनील जैन ठेकदार, अर्थमन्त्री श्री राकेश जैन पर्दा, मनीष जैन ठेकेदार, नरेन्द्र सौगानी, बीना बैनाडा, अजय जैन छीपीटीला, सपना जेन, सन्तोष जैन समेत अनेक भक्त मौजूद रहे! सभा का संचालन मनोज कुमार जैन बाकलीवाल ने कीया!
संकलित अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
