भगवान राम और नमोकार तीर्थ के बीच गहरा संबंध : आचार्य देवनंदी गुरुदेव
नासिक – चांदवड
परम पूज्य आचार्य श्री 108 देवनंदी गुरुदेव के सानिध्य में नासिक के निकट चांदवड क्षेत्र में स्थित नमोकार तीर्थ पर फरवरी माह में अंतर्राष्ट्रीय पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। इस महोत्सव में देश-विदेश से अनेक साधु-संतों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
इस तीर्थ के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए आचार्य श्री ने बताया कि नमोकार तीर्थ का भगवान श्रीराम से गहरा संबंध है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम ने संसार मार्ग में रहते हुए 16,000 वर्ष व्यतीत किए। इसके उपरांत उनकी आयु 1,000 वर्ष की रही, तब उन्होंने संन्यास धारण किया।


जैनेश्वरी दीक्षा लेकर वे अरिहंत से सिद्ध बनने के मार्ग पर अग्रसर हुए। मंगल विहार करते हुए वे पुनः महाराष्ट्र की धरती पर आए। इस दौरान मांगीतुगी और गंजपंथा के मध्य स्थित राम टेकरी पर विराजमान होकर उन्होंने ध्यान किया तथा नमोकार मंत्र का जाप किया।

उन्होंने कहा, “वह चिंतन मेरे मन में आया। इस भूमि के स्वामी ने मुझे स्वयं बुलाया। मुझे स्वयं को कुछ भी ज्ञात नहीं था। मैंने यहां मात्र दो मिनट का ध्यान किया और यह अनुभव हुआ कि यह राम की भूमि है, जो मुझे प्राप्त हुई है। यह वह भूमि है जहां कभी हल नहीं चला। तभी मैंने यह निर्णय लिया कि इस राम की भूमि को आदर्श बनाकर ‘ॐ नमोकार तीर्थ’ का निर्माण किया जाए।”
— अभिषेक जैन लुहाड़िया
रामगंजमंडी
रिपोर्ट : 9929747312


