आचार्य आर्जवसागर सभा मंडप तारंगा में हुआ सिद्धचक्र महामंडल विधान का हुआ शुभारंभ* 

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आचार्य आर्जवसागर सभा मंडप तारंगा में हुआ सिद्धचक्र महामंडल विधान का हुआ शुभारंभ* 

तारंगा जी

तारंगा जी सिद्धक्षेत्र पर आचार्य आर्जवसागर जी महामुनिराज ससंघ के पावन सान्निध्य में घटयात्रा ध्वजारोहण के साथ सिद्धचक्र महामंडल विधान का हुआ शुभारंभ* 

 

 

 तारंगा परम पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री 108 आर्जवसागर महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में अष्टान्हिका महापर्व के दौरान श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र कोठी, तारंगाजी में सिद्धों की आराधना का स्रोत सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ हो गया।

         

    श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव दि. 24-02-2026 से 04-03-2026 तक संपन्न होगा ।सुंदर अरावली पर्वत मालाओ से सुशोभित वरदत्त, सायरदत्त, वरांग आदि साढ़े तीन करोड़ मुनि महामुनिराजो की निर्वाणभूमि सिद्धक्षेत्र में परमपूज्य आचार्य श्री 108 आर्जवसागरजी महाराज ससंघ के साथ परम पूज्य आर्यिका श्री 105 पवित्रमति माताजी ससंघ का तथा आर्यिका श्री 105 सुदृढ़‌‌मति माताजी ससंघ के पावन सानिध्य भी प्राप्त होगा।

   

 महामंडल विधान के प्रथम दिन घटयात्रा निकाली गई उसके उपरांत ध्वजारोहण श्रीमती अनिलाबेन कमलेशभाई दोशी, ननानपुर द्वारा किया गया ।समस्त क्रियाएं विधि पंडित श्री शैलेंद्र शास्त्री के कुशल निर्देशन में संपन्न हुई। ध्वजारोहण उपरांत आचार्य श्री मंच पर आसीन हुए। संघस्थ बहिन बाल ब्रह्मचारी ऋषिका दीदी दमोह के द्वारा आचार्य भगवन् की मांगलिक पूजन की गई;जो भक्ति उल्लास के साथ संपन्न हुई।

     आचार्य श्री ने बताया सिद्धचक्र महामंडल का महत्व

 

आचार्य भगवंत ने बताया कि सिद्धचक्र अर्थात् सिद्ध परमेष्टि के समूह की आराधना। इसी मांगलिक पलों में आचार्य श्री ने उद्बोधन देते हुए कहा कि वे पूर्व में 2012 में भी यहां आए थे और 2015 का चातुर्मास भी यहां सम्पन्न हुआ था जिसमें अनेक विधान, अनेक कार्यक्रम आदि बड़े ही हर्षोल्लास पूर्वक सम्पन्न हुए थे। उस समय 3 मुनि दीक्षा एवम 2 आर्यिका दीक्षा भी संपन्न हुई थी। सिद्ध चक्र महामंडल विधान के विषय में कहा की यह सिद्धों की आराधना का बहुत महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, यह महामंडल विधान करने से श्रीपाल जैसे 700 कुष्ठ रोगियों का कुष्ठ रोग दूर हुआ था प्रभु की भक्ति के विषय में कहा कि प्रभु की भक्ति में वह शक्ति होती है जो मुक्ति का कारण बनती है। इन पर्व के दिनों में यह अनुष्ठान करने का विशेष महत्व है इसके द्वारा पुण्य वृद्धि और कर्म निर्जरा होती है।

अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

 

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