निवाई के बड़ा जैन मंदिर जी में संगीत के साथ चढ़ाया निर्वाण लाडू निवाई से सम्मेद शिखरजी पहुंचा 150 यात्रियों का दल,
यात्रियों को शास्वत तीर्थ सम्मेद शिखर जी में निवाई वालों को चंद्र प्रभु भगवान का मोक्ष कल्याणक का लाडू चढा़ने का सौभाग्य मिला, 27 किलोमीटर ऊपर शिखरों पर गाजे बाजे से चढ़ाया ललित कूट पर निर्वाण लाडू
निवाई – सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वावधान में श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान चन्द्र प्रभु जी का मोक्ष कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया जिसमें श्रद्धालुओं ने गाजे बाजे से निर्वाण लाडू चढ़ाकर पूजा अर्चना की। जैन समाज के मीडिया प्रभारी विमल जौंला एवं सुनील भाणजा ने बताया कि सोमवार को सुबह विधानाचार्य पण्डित सुरेश कुमार शास्त्री के निर्देशन में भगवान चन्द्र प्रभु, भगवान पार्श्वनाथ जी की शांतिधारा करने का सौभाग्य महेंद्र संधी को मिला, एवं चंद्र प्रभु विधान मण्डल में सौधर्म इन्द्र बनने का सौभाग्य सुरेश कुमार बगड़ी वालों को मिला, इस दौरान भगवान चंद्र प्रभु जी का मोक्ष कल्याणक दिवस पर गाजे बाजे के साथ निर्वाण लाडू चढा़ने का सौभाग्य राजेश सांवलिया परिवार को प्राप्त हुआ। जौंला ने बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा विधान में पांच मंगल कलश की स्थापना की गई। विधान में महावीर प्रसाद शकुंतला देवी छाबड़ा, नवीन कुमार नीतू जैन खंडवा, विमल कुमार उर्मिला देवी सोगानी, प्रेमचंद मुन्ना देवी सोगानी, विनोद जैन, राजेश सांवलिया, प्रकाश जैन अतुल ठोलिया, अंकिता पाटनी, प्रियंका खंडवा, अशोक ठोलिया, राकेश संधी, सहित सभी इन्द्र इन्द्राणियो ने देव शास्त्र गुरु पूजा , पार्श्वनाथ भगवान पूजा, के साथ चंद्र प्रभु विधान की पूजा अर्चना भक्ति भाव से की। उन्होंने बताया कि विधान के तहत जैन संगीतकार गायक विमल जौंला एवं गायक विमल सोगानी ने भजनों की प्रस्तुतियां दी गई जिसमें श्रद्धालुओं ने जमकर भक्ति नृत्य किया।
अखिल भारतीय जैन धर्म प्रचारक विमल पाटनी जौंला ने बताया कि आचार्य पदमनन्दी जी एवं आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज संध की प्रेरणा से संचालित पदमनन्दी यात्रा संध के तत्वावधान में निवाई से शास्वत तीर्थ सम्मेद शिखरजी की यात्रा संध झारखंड राज्य के ईसरी गिरीडीह जिले में स्थित जैन समुदाय का विशाल तीर्थ स्थल सम्मेद शिखरजी पहुंचा। जहां सभी यात्रियों ने सम्मेद शिखर जी के परिसर में पहुंचकर चरण वन्दना की।

उन्होंने बताया कि 20 फरवरी को गाजे बाजे के साथ निवाई से 150 यात्री रवाना हुए जो 22 फरवरी को सम्मेद शिखरजी पहुंचकर सभी यात्रियों ने पूजा अर्चना की। उन्होंने बताया कि निवाई से सम्मेद शिखरजी तीर्थ यात्रा के लिए विश्व वन्दनीय तीर्थ सम्मेद शिखरजी में निवाई के सेंकड़ों श्रद्धालुओं द्वारा भगवान चन्द्र प्रभु जी का मोक्ष कल्याणक दिवस पर गाजे बाजे से निर्वाण लाडू चढ़ाकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। जिसमें हितेश यामिनी छाबड़ा, गोपाल कठमाणा, हेमंत चंवरिया, हेमराज चंवरिया, सुरेन्द्र जैन, तेजकरण जैन, पदमचंद विजय कुमार टोंग्या, त्रिलोक प्रिती रजवास, जितेन्द्र कुमार गजेन्द्र कुमार चंवरिया को भगवान चन्द्र प्रभु जी के निर्वाण महोत्सव में सौभाग्य मिला। जौंला ने बताया कि संत निवास नसिंया जैन मंदिर जी पर जैन आर्यिका श्री श्रुत मति एवं सुबोध मति माताजी संध के सानिध्य में 24 फरवरी से अष्टान्हिका महापर्व का शुभारंभ किया जाएगा जिसमें पण्डित सुरेश कुमार शास्त्री के निर्देशन में मण्डल विधान में बैठकर श्रद्धालुगण पूजा आराधना करेंगे।
