त्रय-गजरथ फेरी से गूंजा नगर, श्रद्धा में डूबे समाजबंधु
खनियांधानापंचकल्याणक प्रतिष्ठा और त्रय-गजरथ महोत्सव के अंतिम दिन खनियाधाना में भक्ति, परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरा नगर धर्ममय वातावरण में डूब गया। गलियों में जयकारों की गूंज रही। श्रद्धालुओं की आंखों में आस्था छलकती रही। वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस हुई।
महोत्सव का समापन मुनि पुंगव सुधासागर जी महाराज और निरापद सागर जी महाराज के सानिध्य में मोक्ष कल्याणक की मांगलिक क्रियाओं के साथ हुआ। अनुष्ठान शुरू होते ही हजारों श्रद्धालु मंत्रोच्चार के बीच भक्ति में लीन हो गए। धर्मसभा में मुनिश्री के प्रवचनों ने संयम, सेवा और आत्मकल्याण का संदेश दिया। श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। त्रय-गजरथ फेरी ने पूरे नगर को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया। भव्य रथों पर विराजमान श्रीजी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गों से निकली। महिलाएं मंगलगीत गाती रहीं। युवक ध्वज लेकर आगे बढ़ते रहे। बच्चे उल्लास से झूमते रहे। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह समाजजनों ने, आरती और गर्मजोशी से स्वागत किया। जिनशासन की जय और वर्धमान वीर प्रभु की जय के जयघोषों से वातावरण गूंज उठा।


बड़े मंदिर में दिव्य प्रवेश
गजरथ फेरी के पश्चात मुनिसंघ के सानिध्य में भगवान का श्री पारसनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में भव्य प्रवेश कराया गया। मंदिर प्रांगण में प्रवेश का दृश्य अत्यंत भावुक और रोमांचकारी था। घंटा-घड़ियाल और भक्ति ध्वनियों से समूचा परिसर गूंज उठा। भगवान के विराजमान होते ही मिठाई वितरण कर भक्तों ने अपनी हर्षधारा व्यक्त की। नगर में दीपावली जैसा उत्सवपूर्ण माहौल छा गया।



पूरे महोत्सव के पंचकल्याणक अनुष्ठान प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश (अशोकनगर) एवं अनुभव जैन शास्त्री के निर्देशन में शास्त्रोक्त पद्धति से संपन्न हुए। प्रत्येक विधान, पूजन और संस्कार में धर्म और परंपरा की झलक दिखाई दी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
