विधायक जगमोहन आनंद ने लिया आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज का आशीष मोक्ष मार्ग में बड़ी बाधा है मोहः विनिश्चय
करनाल
श्री दिगंबर जैन सोसाइटी करनाल की ओर से रामलीला भवन में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज सानिध्य में भक्ति आस्था संगम लिए पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक जगमोहन ने कहा कि जैन मुनि सिर्फ जैनियों के संत नहीं हैं, बल्कि सभी समाजों के लिए वंदनीय है। इस अवसर पर उनका स्वागत अभिनंदन भी किया गया आचार्य श्री ने उन्हें धर्म के साथ राजनीति देश सेवा करने की प्रेरणा दी आचार्य श्री ने उन्हें अपना मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।


आचार्य विनिश्चय सागर मुनिराज ने भगवान के गर्भकल्याणक के प्रसंग में पदम पुराण का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मोह मोक्ष मार्ग में सबसे बड़ी बाधा आसा हमें इसे सुख विद्यमान है। समझना होगा। मानव प्राप्त करके सुखी हो, ऐसा आवश्यक नहीं है। लेकिन त्याग करने के बाद अनंत सुख व शांति को प्राप्त करता है।


दिगंबर मुनिराजों को देखो उनमें ॐ सदैव आनंद का सरोवर प्रवाहित होता रहता है, क्योंकि इन मुनियों ने मोह रूपी भार को त्याग दिया है, जिससे हल्के होकर निरंतर मोक्षमार्ग पर अग्रसर है। संसार और मोक्ष दोनों ही हमारे अंदर विद्यमान है।
मोह के तांडव को मोक्ष के पुरुषार्थ से जीता जा सकता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
