शिवरात्रि महोत्सव पर भक्ति, ज्ञान और ध्वज महिमा का दिव्य संगम

धर्म

शिवरात्रि महोत्सव पर भक्ति, ज्ञान और ध्वज महिमा का दिव्य संगम

रामगंजमंडी

शिवरात्रि महोत्सव के पावन अवसर पर ब्रह्मा कुमारी आश्रम रामगंजमंडी की बहनों द्वारा उडवा रोड पर स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में विशेष आध्यात्मिक सेवा की गई।

 

 

मंदिर परिसर में एक ओर श्रद्धालुओं की निरंतर भीड़ लगी हुई थी। श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक एवं शिव अभिषेक का क्रम चल रहा था और पूरा वातावरण भक्ति भाव से गूंज रहा था। वहीं दूसरी ओर ब्रह्मा कुमारी बहनों द्वारा राजयोग ज्ञान की अमृतवाणी सुनाई जा रही थी।

सेवा के दौरान बहनों ने सभी श्रद्धालुओं को यह संदेश दिया कि परमात्मा शिव इस धरती पर अवतरित होकर अपना दिव्य कर्तव्य कर रहे हैं। गीता में भगवान द्वारा दिया गया वचन — जब-जब धर्म की हानि और अधर्म की वृद्धि होती है, तब मैं आता हूँ — आज वही वचन पूर्ण हो रहा है। परमात्मा अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैला रहे हैं।

इस अवसर पर मंदिर के निर्माणकर्ता श्री सुरेश जी गुप्ता का विशेष सम्मान किया गया। उन्हें ईश्वरीय सौगात भेंट कर मंदिर निर्माण जैसे श्रेष्ठ कार्य के लिए सराहना की गई तथा ज्ञान सेवा हेतु अनुमति प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया गया।

शिवरात्रि के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र पर आने वाले भाई-बहनों ने शिवरात्रि के दिन विधिपूर्वक भगवान शिव का ध्वज अपने-अपने घरों पर फहराया। ध्वज के महत्व को समझाते हुए बहनों ने बताया कि यह केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संदेशवाहक भी है। ध्वज के दो रंग प्रकाश और पवित्रता का प्रतीक हैं, जो हमें सूर्य समान उज्ज्वल और निर्मल बनने की प्रेरणा देते हैं।

आध्यात्मिक दृष्टि से यह ध्वज परमात्मा की छत्रछाया का प्रतीक है। इसके नीचे रहने का अर्थ है — स्वयं को परमात्मा की याद और सुरक्षा की भावना में रखना। जब घर-घर यह ध्वज फहरता है, तो वातावरण में सकारात्मकता, शांति और आध्यात्मिकता का संचार होता है।

उपस्थित सभी आत्माओं ने इस सेवा का लाभ उठाया

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