*रामगंज मंडी में ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र पर महाशिवरात्रि महोत्सव धूमधाम से संपन्न*
रामगंज मंडी,
कोटा क्षेत्र स्थित ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र पर महाशिवरात्रि का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, भव्य सजावट एवं आध्यात्मिक वातावरण के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बहुत सुंदर सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने सभी उपस्थित भाई-बहनों का मन मोह लिया और वातावरण को शिवमय बना दिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी की सदस्य एवं महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती निहारिका चौहान जी, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष श्री संजय सतीजा जी तथा कोटा संभाग से पधारी राज्य योगिनी ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी जी उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

रामगंज मंडी ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी शीतल दीदी ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में रावतभाटा के पूर्व प्रधान श्री राधेश्याम गुप्ता जी भी विशेष रूप से पधारे। अतिथियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आश्रम में आकर उन्हें शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति हुई। उन्होंने केंद्र की सेवाओं, बच्चों के संस्कार निर्माण एवं समाज कल्याण कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने शिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व ब्रह्माकुमारीज के ज्ञान की रीति से बहुत सुंदर रूप में समझाया। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि इसलिए कहलाती है क्योंकि जब यह संसार कलियुग रूपी अज्ञान की रात्रि में डूब जाता है, तब परमात्मा शिव इस धरती पर अवतरित होते हैं। वे अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। इसलिए केवल परमात्मा शिव के जन्मदिवस को ही “रात्रि” कहा जाता है, अन्य किसी के जन्मदिवस को रात्रि नहीं कहा जाता।

कार्यक्रम के दौरान परमात्मा शिव का जन्मदिवस केक काटकर मनाया गया। शिवलिंग स्वरूप आकर्षक केक दीदियों द्वारा अपने हाथों से बनाया गया था। इसके पश्चात परमात्मा शिव की ध्वजा फहराई गई। ध्वजा के आध्यात्मिक व वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि इसके रंग वातावरण की नकारात्मकता को समाप्त कर सकारात्मक वाइब्रेशन फैलाते हैं और पूरे क्षेत्र को ऊर्जावान बनाते हैं।
पूरा वातावरण शिवमय, शांतिपूर्ण और आनंद से भर गया। बड़ी संख्या में आए भाई-बहनों ने परमात्मा शिव से शांति, शक्ति और पवित्रता की अनुभूति की।
