जैन मंदिर काठमांडू में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का 50 वा स्वर्णिम आचार्य पदारोहण दिवस*

धर्म

*जैन मंदिर काठमांडू में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का 50 वा स्वर्णिम आचार्य पदारोहण दिवस*
काठमाडू
*अंतर यात्री महापुरुष संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज का 50 वा स्वर्णिम आचार्य पदारोहण दिवस जैन मंदिर काठमांडू में ब्रह्मचारी सुनील भैया अनंतपुरा इंदौर के सानिध्य में बहुत ही हर्षो उल्लास व भक्ति भाव के साथ मनाया गया । सामूहिक जिनेंद्र आराधना नेपाल शाखा के अध्यक्ष सुभाष अनिता जैन सेठी व मंदिर व्यवस्था समिति के अध्यक्ष मुनेश जैन ने बताया बताया कि कार्यक्रम का संचालन सुमित जैन ने किया।व कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन द्वारा किया गया। इस अवसर पर पूरे मंदिर क्षेत्र को सुसज्जित व प्रकाशमय किया गया। शाम को 8:00 बजे समस्त समाज द्वारा प्रत्येक के हाथ में एक दीपक लेकर 50 दीपको से उमंग व उत्साह के साथ भव्य महाआरती की व सभी ने झूम- झूमकर भक्ति का आनन्द लिया।

 

 

 

ब्रह्मचारी सुनील भैया, सुभाष जैन, मुनेश जैन, सुमित जैन, पंकज जैन, प्रभु दयाल जैन, बृजेश जैन व मदन धनावत,संतोष जैन, एकता जैन व राजेश जैन आदि वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। ब्रह्मचारी सुनील भैया जी ने अपने विचारों में कहा कि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज भारत भूमि के प्रखर तपस्वी, चिंतक,कठोर साधक व लेखक है। पिछले 5 दशक से त्याग, तपस्या, ज्ञान, साधना, संयम, आराधना और अपनी करुणा के प्रभाव से जिन शासन की ध्वजा का शीर्ष ऊंचा कर रहे हैं। आचार्य श्री वर्तमान में भारत की वसुंधरा पर साधनारत जैन संतों में सबसे श्रेष्ठ व ज्येष्ठ संत है । उनका सम्पूर्ण जीवन त्यागमय है, जिन पर हमारी संस्कृति, समाज और राष्ट्र गौरव करता है। इस पंचम काल में श्रमण संस्कृति के ऐसे शिखर संत का हमारे बीच होना हम सबके लिए गर्व और गौरव की बात है।

अंत में ब्रह्मचारी सुनील भैया का जैन समाज के द्वारा नेपाल जैन रत्न की उपाधि से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में जैन समाज की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

 

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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