प्रभु से मत कहो समस्या विकट है..समस्या से कहो प्रभु निकट है..! अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज
औरंगाबाद/जयपुर।
अंतर्मना आचार्य श्री108 प्रसन्न सागरजी महाराज मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि जीवन में सुख -दु:ख,सहयोग-वियोग, शत्रु-मित्र, मान-अपमान,आना-जाना, मरना-जीना, दिन-रात, यह सब जीवन का पार्ट है, इसे स्वीकार करो। परमात्मा से शिकायत मत करो, बल्कि परमात्मा से प्रार्थना करो कि हे परमात्मा — मेरे जीवन में जब विपरीत परिस्थिति आये तो मेरी वाणी-व्यवहार ना बदले, भाषा भाव ना बदले। मैं जीवन में ऊपर उठू या नीचे गिरू, जवान रहूं य बुजुर्ग हो जाऊं, बीमार रहूं य स्वस्थ रहूं, मेरे मन में कभी क्लेश संक्लेश परिणाम ना आये। हर स्थिति में समता सन्तोष बना रहे और आपकी कृपा बरसती रहे। मेरे भीतर की अमीरी बनी रहे, मेरे भीतर का सम्राट जीवन्त रहे।
प्रभु की पूजा और गुरू की सेवा का मौका सदैव मिलता रहे। हर समस्या का सामना हिम्मत से करूं। मन की शान्ति और चेहरे की प्रसन्नता बनी रहे। जब मन डगमगाने लगे तब आप मुझे हिम्मत देना और सम्भाल लेना।

इस जीवन में आप ही मेरी हिम्मत बनकर रहना, कभी किसी के सामने मुझको लाचार मत होने देना, ना दीन हीन बनने देना। आप मेरी हिम्मत हैं, आप से ही मेरा सम्बल है, आप से हम जिन्दा है।


जिसे दु:खी रहना है तो सोचो – वो कौन है, वो कहां है, वो क्यों नहीं आये, वो किससे बात कर रहे, ऐसा क्यों और कब तक चलेगा–? और स्वस्थ, प्रसन्न, सुखी रहना है तो सोचो – रब है तो सब है…!!!


आज परम पूज्य गुरुदेव अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज जी ससंघ का भव्य मंगल 👣 पद विहार दिनाँक 5 फरवरी 2026, गुरुवार सुबह 7.30 बजे श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, मंगल विहार, गोपालपुरा बाईपास, नियर रिद्धि-सिद्धि क्रोसिंग जयपुर से पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, थड़ी मार्केट, मानसरोवर जयपुर 4.7 किलोमीटर के लिए हुआ।
नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
