जीवन में सद संस्कारो से जीवन चरित्रवान बनता है भक्ति का हर क्षण अनमोल होता है आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी

धर्म

जीवन में सद संस्कारो से जीवन चरित्रवान बनता है भक्ति का हर क्षण अनमोल होता है आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी

पीपलू टोंक (राजस्थान)
स्वस्तिधाम प्रणेती गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी के मंगल सान्निध्य और निर्देशन में श्री चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, प्यावड़ी (पीपलू) में दो दिवसीय भव्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक महोत्सव का आयोजन 22 और 23 जनवरी 2026 को किया जाएगा।

 

श्रेयांश, मोहित, हिमांशु जैन ने राष्ट्रीय मिडिया प्रभारी पारस जैन “पार्श्वमणि” पत्रकार को जानकारी देते हुवे बताया कि परम पूज्य आचार्य इन्द्रनन्दी महाराज 108 ससंघ के सान्निध्य एवं मंगल आशीर्वाद तथा स्वस्तिधाम प्रणेती गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी के मंगल सान्निध्य में यह आयोजन होगा।

 

 

पीपलू शहर के कोतवाली झंडा पर स्वस्तिधाम प्रणेती गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पुण्य कर्म और भक्ति के लिए समय का इंतजार नहीं करना चाहिए, क्योंकि भक्ति का हर क्षण अनमोल है। उन्होंने कहा कि आज लोग नैतिकता और अच्छे व्यवहार को भूलते जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है।आर्यिका माताजी ने समाज को एकता के सूत्र में बंधने का आह्वान करते हुए कहा कि अलग-अलग सोच छोड़कर यदि समाज एकजुट हो जाए तो प्रगति और तेज़ी से संभव है। उन्होंने प्रेम को सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि जैन धर्म अत्यंत प्राचीन है और संत समाज ही लोगों को आपस में जोड़कर रख सकता है।

 

जैन अतिशय क्षेत्र समिति प्यावड़ी के तत्वावधान में 23 जनवरी को भव्य जिन मंदिर निर्माण को लेकर शिलान्यास किया जाएगा।इस ऐतिहासिक समारोह के साक्षी बनने के लिए टोंक जिले सहित देशभर से करीब 15 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे।आर्यिका माताजी ने मानव जीवन में धर्म, ज्ञान और संस्कृति के महत्व को समझाते हुए कहा कि धर्म हमें सही मार्ग दिखाता है, ज्ञान सही-गलत की पहचान कराता है और संस्कृति हमें सभ्य बनाती है। भारतीय परंपरा के 16 संस्कारों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यही संस्कार हमारे चरित्र को मजबूत आधार प्रदान करते हैं।संतों का नगर में आगमन समाज में भाईचारा और सद भाव बढ़ाता है। चाहे मतभेद या अलग-अलग विचारधाराएं हों, साधु-संतों के सान्निध्य से समाज में एकता का संदेश जाता है।


इससे पूर्व चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर, पीपलू में जिन भगवान का अभिषेक एवं शांति धारा की गई। पश्चात भक्ति भाव से आर्यिका माताजी को आहार करवाकर पिच्छी भेंट की गई। पारस जैन “पार्श्वमणि” पत्रकार ने बताया कि इस अवसर पर ओमप्रकाश, पदमचंद, मोहित, श्रेयांश, सक्सम, अतुल, हिमांशु, अशोक, कन्हैयालाल, विनोद, विमल, राकेश, दिनेश, नैमचंद, आशीष, प्रेमचंद सहित जैन समाज के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
प्रस्तुति
पारस जैन “पार्श्वमणि” पत्रकार
कोटा
9414764980 से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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