1 वर्ष के बाद हुआ गुरु शिष्य का मिलन सागर शहर बना इसका साक्षी
सागर
मध्य प्रदेश क्षेत्र की धर्म परायण नगरी सागर में गुरु शिष्य का महामिलन देखने को मिला जिसका साक्षी संपूर्ण सागर नगर बना और भक्तों का हुजूम काफी देखने को मिला। यह महामिलन था आचार्य विराग सागर महाराज वह उनके परम प्रभावक जनसंत विरंजन सागर महाराज का। इन पलों में आचार्य गुरुवर की शिष्य आर्यिका 105 विकम्या श्री माताजी संघ सहित सागर पहुंची और आचार्य गुरुवर के दर्शन किये।
वही आचार्य गुरुवर की आगवानी करने हेतु जन संत विरंजन सागर महाराज भक्तों के समूह के साथ तीन मढिया पहुंचे। इन पलों में एक अभूतपूर्व उदाहरण देखने को मिला जो शिष्य का गुरु के प्रति विनय भाव को परिलक्षित कर रहा था समस्त शिष्यों ने आचार्य गुरुवर की परिक्रमा लगाते हुए उन्हें भाव बिना नमन करते हुए नमोस्तु निवेदित किया। इन ऐतिहासिक क्षणों में हजारों की संख्या में भक्तों के समूह ने अपने पलकों से निहारा। जब यह मिलन हुआ तब जय जयकारों की गूंज रही जय जय गुरुदेव के नारों का शोर गुंजायमान नजर आया। आचार्य संघ को नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए भव्य शोभायात्रा के साथ मोराजी जैन मंदिर लाया गया। जहां गुरुवर का भव्य पद प्रक्षालन कर उनकी मंगल अगवानी की गई।
सागर 20 साल पहले आया था आचार्य विरागसागर
इन मांगलिक पलों में आचार्य गुरुवर विराग सागर महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि मैं सागर 20 साल पहले आया था। और सागर शहर अपने नाम के अनुरूप ही सागर जैसा विशाल है। उन्होंने सागर नगर की भक्ति,विरंजन सागर महाराज जमकर सराहना करते हुए कहा कि इन्होंने मिलकर बहुत अच्छी तैयारी करा कर आज की अगवानी को भव्यता प्रदान की है। उन्होंने मुनिसंघ को और सागर समाज को अपना मंगल आशीष प्रदान किया। आचार्य श्री के सानिध्य में 1 जनवरी को भव्य श्री भक्तामर विधान
महाअर्चना का आयोजन होगा।
मीडिया प्रभारी अखिल जैन के अनुसार इस मंगल अखबारी में विधायक शैलेंद्र जैन, नगर निगम सभापति शैलेश केशरवानी, सुशील तिवारी, कांत कुमार सराफ, अनिल नैनधरा, तरुण, कमलेंद्र जैन, आदि के साथ सकल दिगंबर जैन समाज के भक्त सम्मिलित रहे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
