चाइनीज मांझे पर सवार मौत, सूर्य को रक्त अभिषेक नहीं जल अभिषेक चाहिए 

धर्म

चाइनीज मांझे पर सवार मौत, सूर्य को रक्त अभिषेक नहीं जल अभिषेक चाहिए  

मकर संक्रांति का पर्व मनाया जा रहा है यह पर्व हमारी संस्कृति को दर्शाता है हम थोड़े से मजे के लिए पतंग उड़ाते हैं लेकिन उसमें उड़ाने के लिए चाइनीस मांझे का उपयोग करते हैं जो नायलॉन से बनता है यह पशु पक्षियों के लिए बहुत ही घातक है। यहां तक की इससे उनकी जान तक भी चली जाती है।

 

इसी संदर्भ में जानी मानी मोटिवेशनल स्पीकर श्रीमती सुधा चौधरी अपनी करुणा दुखित मन से कहती है 

    आसमान को छूने की चाहत के पर 

     पतंगों ने उड उड़कर काट दिए पेपर 

   

वे अपने घोंसलो से उड़े थे दाना लाने के लिए आपका मनोरंजन उन्हें रक्त रंजित कर गया,

काश वे कैलेंडर देखना जानते हैं तो वह समझ पाते आज सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा लेकिन उनके जीवन में मृत्यु की अमावस उतरने वाली है। 

 

 

वे बिल्कुल सत्य कह रही है हमारे जीवन की तरह उनके लिए भी कोई पंडित होता तो वह बता देता की बाहर मत निकालना बाहर पतंगे नहीं चाइनीस मांझे पर तुम्हारी मौत उड़ रही है।

 

     क्या विडंबना है पतंगों की डोर सांसों की डोर को काट देती है और घोंसलों में बैठे पक्षियों के बच्चे भोजन का इंतजार करते आसमान में टक टकी लगाए देखते रहते हैं उस सुने आसमान को जिसने उनकी मा की जिंदगी को निगल लिया न सिर्फ पक्षी अपितु इंसान भी मांझे की चपेट में आ जाते हैं उनकी गर्दने तक कट जाती है। 

 

 

   और यहां तक होता है की वे अपने जीवन से हाथ धो बैठते हैं। ये माझा तलवार जैसी तेज धार वाला बिन बुलाई मौत अपनी परवाह कीजिए पंछियों को अभय दान दीजिए 

सक्रांति का स्वागत सूर्य को नमन करके करिए 

 न की पंछियों के रक्त अभिषेक से।

 

वे बताती है कि दिल्ली के लाल मंदिर में वर्ल्ड चैरिटेबल हॉस्पिटल चलता है जहां संक्रांति के दिन घायल पक्षियों की संख्या कही गुना बढ़ जाती है। अपने अहिंसात्मक मूल्यों की रक्षा कीजिए 

     मोटिवेशनल स्पीकर सुधा चौधरी 

       संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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