जैन सन्त मुक्ति सागर महाराज की यम सल्लेखना का 12वां दिन श्रद्धालु ने किये दर्शन
पिड़ावा:
-श्री सांवलिया पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र बड़ा मंदिर में लग रही है भक्तों की भीड़ श्रावक श्राविकाये ले रहें हैं पूण्य लाभ प्रवक्ता मुकेश जैन चेलावत ने बताया कि 76 वर्षीय सन्त परम पूज्य 108 श्री मुक्ति सागर महाराज ने 26 दिसम्बर 2025 से निर्यापक मुनि सागर महाराज के सानिध्य में यम सल्लेखना चल रही है जिसमें ऐलक श्री 105 मंथन सागर महाराज,बाल ब्रम्हचारीणी मन्जुला दीदी, ब्रम्हचारी धनसिंह भैया, ब्रम्हचारी शान्तिनाथ विधान कर्ता सुरेश गुरू , नवयुवक मण्डल, महिला मण्डल समाज जन के सहयोग से जाप,बारह भावना, समाधि मरण पाठ करते हुवे धर्म ध्यान पूर्वक चल रही है।
जिसमें देश के सभी राज्यों से प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन लाभ ले रहे हैं।देश के सात राज्यों में पद विहार करने वाले मुनि मुक्ति सागर जी महाराज 2006में पहली बार ससंघ मध्य प्रदेश की धरती पर विहार किया पूज्य भूतबली सागर महाराज ससंघ के साथ 2022में चातुर्मास पिड़ावा में किया निर्यापक मुनि सागर महाराज ने बताया कि जब साधक शरीर से नहीं, आत्मा से जीना प्रारम्भ करता है यम सल्लेखना वह स्थिति है जब साधक स्वेच्छा से आहार विहार का त्याग कर शरीर से भी ममत्व समाप्त कर देता है समता पूर्वक शरीर का विसर्जन करता है और अपनी आत्मा का कल्याण करता है
इसलिए मुक्ति सागर महाराज ने पिड़ावा की पावन भूमि का चयन कर 26 दिसम्बर 2025को यम सल्लेखना व्रत धारण कर सिद्धो के शाश्वत लोक की यात्रा आरम्भ की पिड़ावा की पावन भूमि पर शुभ सागर जी, मानतुंग सागर जी, ब्रम्हानंद सागर जी महाराज जी का समाधि मरण हुआ है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312





