जैन संत मुक्ति सागर महाराज कि यम संलेखना का आठवां दिन
पिड़ावा:-
श्री सांवलिया पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र बड़ा मंदिर पिड़ावा में संत परम पूज्य 108भूत बली सागर महाराज के शिष्य 108 श्री मुनि सागर 108श्री मुक्ति सागर व ऐलक 105 श्री मंथन सागर महाराज की शीतकालीन धर्म देशना चल रही है।
सकल दिगम्बर जैन समाज के तत्वाधान में निर्यापक श्री मुनि सागर महाराज के सानिध्य में परम पूज्य 108 श्री मुक्ति सागर महाराज की यम सल्लेखना चल रही है। समाज प्रवक्ता मुकेश जैन चेलावत ने बताया कि मुक्ति सागर महाराज की यम सल्लेखना 26 दिसम्बर 2025 से चल रही है यम सल्लेखना के आठवें दिन निर्यापक मुनि सागर महाराज ने अपने उपदेश में बताया कि पिड़ावा नगर के वासी और बाहर से आने वाले सभी दर्शनार्थी आपने महोत्सव देखा है हमने भी देखा है जिसमें मुहूर्त होता है इसमें कोई मुहूर्त नहीं होता है यह मृत्यु महोत्सव जो चल रहा है महाराज ने बताया कि वर्तमान में दिन रात मेरे स्वामी में भावना यह भावु, देहान्त के समय में तुम को ना भूल जाऊं ,पढ़ने में आता है दिखने में नहीं आता है मुझे भी नहीं आया आप को आया होगा।
अभी जो यह वातावरण चल रहा है बच्चा बच्चा-बच्चा इस बात का साक्षी है की संयम क्या होता है , यह देखने में भी आता है और संयम क्या है संयम लेने के बाद ही आएगा इसी प्रकार समाधी की बात देखने में भी नहीं आई तो अनुभव में कब आएगा- इसलिए आप लोगों को देखने का अवसर मिल रहा है कभी इसमें करने का अवसर भी मिले आप भावना भाये -मात्र मुखर उपदेश ही मुख्य नहीं है मोन उपदेश भी बहुत प्रभावित होता है हमारे साथी मुक्ति सागर महाराज भी 18 वर्ष तक हमारे साथ रहे और आपको यदा कदा उपदेश भी दिया समाधि का उपदेश देख लो, सीख लो ,संयम में जीवन जीना ही जीवन है और समाधि पूर्वक निकालना ही जीवन है ,यहां बोधि भी है, समाधि भी है, और परिणाम शुद्धि भी है वर्तमान में आपकी बोधि उपलब्धि होगी और समाधि भी ऐसा शुभ अवसर आप लोगों को मिल रहा है इसलिए इस अवसर का लाभ उठाना यह अवसर यह मृत्यु महोत्सव बहुत दुर्लभ है।
आपके पूर्वजों को मुनि दर्शन दुर्लभ रहे हैं और आप को दर्शन भी सुलभ हैं संयम दर्शन भी सुलभ हो गया हो और समाधि भी सुलभ हो गया इसलिए आप लोगों का पुण्य का उदय है कि भविष्य में यह भावना भाये कि आपके जीवन में प्रतिकूलता आ सकती है सभी बच्चे पढ़ने में फेल हो सकते हैं ऐसे भी कोई बच्चा कूद कर मर रहा हैं, कोई खाकर मर रहे हैं, कोई पीकर मर रहा है ऐसे मरना ठीक नहीं है मरना सबको एक दिन अपनी अपनी बार हमें ऐसी बुरी मौत नहीं चाहिए इसलिए समाधि पूर्वक मरण करना चाहिए यह उपदेश मुक्ति सागर जी दे रहे हैं मैं भी आगे मौक्ष मार्ग प्राप्त करने के लिए समता पूर्वक सल्लेखना लेकर समाधि मरण प्राप्त करूंगा।।
चेलावत ने बताया कि आठ दिनों से महाराज के दर्शन करने के लिये देशभर से हजारों दर्शनार्थी पहुंच रहे हैं जिनकी आवास एवं भोजन की समुचित व्यवस्था सकल दिगम्बर जैन समाज की चल रही है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312













