दान दिए बिना कभी सोना नहीं और देखकर कभी रोना नहीं तरुण सागर महाराज
क्रांतिकारी ओजस्वी प्रखर संत मुनि श्री 108 तरुण सागर महाराज ने अपने कथन में कहा था कि दान दिए बिना सोना नहीं और देकर कभी रोना नहीं।
उनका कहना था कि संपत्ति को आग में डालो तो जल जाती है। लकार में रखो तो उतनी ही की उतनी ही रहती है। बैंक में रखो तो ब्याज मिलता है बढ़ जाती है। 





लेकिन यदि संपत्ति को धर्म कार्य में समर्पित कर दे तो अक्षय हो जाती है। न्याय और नीति से खूब कमाना और जरूरतमंद लोगों की सेवा भी करना।
वह कहते थे कि अगर ऐसा नहीं किया तो गले में पड़ी ये सोने की सांकल कभी भी फांसी का फंदा बना सकती है। संपत्ति के साथ यश भी कमाना है बाबा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
