तरुण सागर महाराज कड़वे प्रवचन काश हर दिन होली रहे किसी को कुछ भी बुरा ना लगे

तरुणसागर महाराज

तरुण सागर महाराज कड़वे प्रवचन काश हर दिन होली रहे किसी को कुछ भी बुरा ना लगे
परम पूज्य समाधिस्थ मुनि श्री 108 तरुण सागर महाराज के कड़वे प्रवचन से कुछ विचार जो हम सभी को जीवन जीने की कला सिखाते हैं उनमें से कुछ कड़वे वचन आप सभी के बीच सांझा

 

 

महाराज श्री ने अपनी कड़वे प्रवचन में कहा था कि एक बात बताओ कि मीठे के बाद नमकीन पसंद करते हो या नहीं, यदि हां तो, प्रशंसा के साथ गाली पसंद क्यों नहीं करते? प्रशंसा मिठाई है, गाली नमकीन है। मिठाई खा लो और कोई गाली का नमकीन परोस दे तो उसे भी चुपचाप खा लो। 
किसी की भी गाली का बुरा नहीं मानना?

होली के दिन महाराज श्री कटाक्ष करते हुए कहा की होली के दिन गाली बुरी नहीं लगती तो दिवाली दशहरा के दिन बुरी क्यों लगेगी?

 

लेकिन हम बेईमान लोग हैं। हम प्रशंसा की मिठाई तो गप गप करके खा जाते हैं, लेकिन गाली का गोबर हमे हजम नहीं होता।

 

   
काश हर दिन होली हो किसी को कुछ भी बुरा न लगे।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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