पंचायत राज व्यवस्था में बड़ा बदलाव, 21 जिला प्रमुख और 222 प्रधान हटेंगे कलक्टर-SDM संभालेंगे कमान
राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में देरी को लेकर राजनीति गरमाई हुई है ऐसे में निकायों के बाद अब प्रदेश की जिला परिषदों और पंचायत समितियों की बागडोर भी जनप्रतिनिधियों से हटकर प्रशासनिक अधिकारियों के पास चली गई है राजस्थान की करीब 21 जिला परिषदों और लगभग 222 पंचायत समितियों का कार्यकाल मंगलवार को पूरा हो रहा है इसके बाद इन संस्थाओं में अब अधिकारी प्रशासक के रूप में कार्य देखेंगे
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने सोमवार को आदेश जारी कर दिए हैं इसके अनुसार जिला परिषदों में जिला कलक्टर और पंचायत समितियों में उपखंड अधिकारी (एसडीएम) प्रशासक की भूमिका निभाएंगे नई ग्रामीण सरकार के गठन तक सभी प्रशासनिक एवं नीतिगत निर्णय अब यही अधिकारी लेंगे
*इसलिए कलक्टर-एसडीएम को सौंपी कमान*
विभाग के अनुसार प्रदेश में पिछले चुनाव 33 जिला परिषदों और 352 पंचायत समितियों में हुए थे। इनमें से अधिकांश का कार्यकाल अब पूरा हो चुका है इनमें से एक-दो को छोड़ सभी संस्थाओं का कार्यकाल मंगलवार को समाप्त हो रहा है, इसलिए जिला कलक्टरों को पंचायत समितियों के लिए एसडीएम को प्रशासक नियुक्त करने और जिला परिषदों में स्वयं प्रशासक का दायित्व संभालने के निर्देश दिए गए हैं






